परात्पर गुुरु डॉ. आठवलेजी द्वारा धर्मकार्य हेतु अपनाए गए कार्य को व्रत के रूप में अपनाएंगे ! – भागवताचार्य वा.ना. उत्पात
मैं सनातन संस्था के अनेक कार्यक्रमों में सहभागी होता हूं । अच्छा कार्य करते समय विरोध तो होकर रहेगा ! केवल राज्य में ही नहीं, अपितु संपूर्ण राष्ट्र में ही केवल सनातन का कार्य ही सूत्रबद्ध और संगठनात्मक है ।
