विविध शहरों में ‘हम सभी सनातन’ यह नारा लगाकर सनातन को अपना पूर्ण समर्थन दिया !
हिन्दुत्वनिष्ठ, धर्मप्रेमी और सनातन के शुभचिंतकों ने बडी संख्या में सनातन का पूरी दृढता से समर्थन किया और ‘हम सभी सनातन’ ऐसे नारे लगाए !
हिन्दुत्वनिष्ठ, धर्मप्रेमी और सनातन के शुभचिंतकों ने बडी संख्या में सनातन का पूरी दृढता से समर्थन किया और ‘हम सभी सनातन’ ऐसे नारे लगाए !
शिवसेना अपराधी का पक्ष नहीं लेगी; पर अकारण संदेह निर्माण करना और प्रमाण नहीं मिले तो उसका क्या उपयोग ?
श्री गणेशमूर्ति का विसर्जन कृत्रिम तालाब में न हो तथा मूर्तिदान की अवधारणा कार्यान्वित न की जाए ।
जन्माष्टमी निमित्त देहली के अलकनंदा स्थित संतोषी माता मंदिर एवं मालवीय नगर के शिवमंदिर में सनातन संस्था की आेर से प्रवचन आयोजित किया गया ।
उपरोक्त प्रश्न अनेक लोगो के मन में आता है । इसका कारण यह है कि
पिछले ५ वर्षों से मैं सनातन संस्था से भली-भांति परिचित हूं । संस्था के साधक, उनका कार्य और कार्य करने की पद्धति के संदर्भ में मुझे जानकारी है । सनातन संस्कृति, सनातन धर्म, परंपरा इत्यादि बातें उनके मूल स्वरूप में संपूर्ण देश को समझ आए, इस हेतु प्रसार करना सनातन का कार्य है ।
सनातन संस्था के किसी भी साधक पर अभी तक कोई भी आरोप सिद्ध नहीं हुआ है अथवा संस्था का किसी भी प्रकरण में सहभाग भी नहीं है । हिन्दू विचारधारा को अपकीर्त करने के लिए धर्मनिरपेक्ष और साम्यवादियों ने सनातन पर आरोप करने का अभियान प्रारंभ किया है ।
सनातन संस्था पर दाभोलकर हत्या प्रकरण में प्रतिबंध लगाने का षड्यंत्र हो रहा है, जिससे यह सिद्ध हो सके कि सनातन संस्था इसमें दोषी है ।
एक सज्जन व्यक्ति, जिन्हें जगद्गुरु शंकराचार्य के आशीर्वाद मिले हैं, उन पर विविध स्तर के आरोप लगाए गए, यह अनुचित है ।
अन्वेषण से यह स्पष्ट हुआ है कि लोकतांत्रिक पद्धति से चुनी गई मोदी सरकार को गिराने का, साथ ही मोदी की हत्या करने का नक्सलियों का षड्यंत्र है ।