रामनाथी, गोवा के सनातन संस्था के आश्रम में श्री सिद्धिविनायक मूर्ति प्रतिष्ठापना समारोह भावपूर्ण वातावरण में संपन्न

१० सितंबर को यहां के सनातन संस्था के आश्रम में सनातन संस्था की सदगुरु (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी एवं सद्गुरु (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी के करकमलों से श्री सिद्धिविनायक मूर्ति की चैतन्यमय एवं भावपूर्ण वातावरण में प्रतिष्ठापना की गई ।

कुछ विशिष्ट उद्देश्यों के लिए श्री गणेशजी की उपासना करते समय पठने आवश्यक मंत्र !

‘हमारे जीवन में कहीं तो न्यूनता है अथवा हमारी इच्छा अपूर्ण है’, ऐसा लगना, इसे उच्छिष्ट कहा जाता है ।

ग्रंथ-विमोचन

‘विमोचन’ अर्थात देवता के कृपाशीर्वाद से उस विशिष्ट घटक में व्याप्त प्रकाश के निर्मितिस्रोत को दिशा अथवा मार्ग दिखाकर उसे समष्टि के लिए कार्यरत करना ।

हिन्दुओं, आप गाय को ही ‘गोग्रास’ देते हैं न ?

त्योहार के दिन गोग्रास दिए बिना भोजन न करनेवाले कई हिन्दू हैं, साथ ही नियमित रूप से गोग्रास दिए बिना भोजन ग्रहण न करनेवाले हिन्दू भी हैं; किंतु यह गोग्रास गाय को ही खिलाया जा रहा है ना ?, इसे देखने की आवश्यकता है ।

स्त्री अथवा पुरुष संतों का सम्मान (सत्कार) करने की योग्य पद्धति

जो गुरुपदपर आसीन हो और जिसका अहं अल्प हो वह जीव ईश्वर को भी परमप्रिय होता है । ऐसा जीव ही संपूर्ण मानवजाति की दृष्टि से सम्माननीय होता है ।

हिन्दुओं के पराक्रमी राजा विक्रमादित्य की कुलदेवी उज्जैन, मध्य प्रदेश की श्री हरसिद्धि देवी !

उज्जैन, मध्य प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में श्री हरसिद्धि देवी मंदिर की गणना होती है । यह देवी राजा विक्रमादित्य की कुलदेवी थीं ।

नामंसकीर्तन के माध्यम से ईश्‍वर के अनुसंधान में रहनेवाली चेन्नई की श्रीमती कांतीमती संतानम् (आयु ८१ वर्ष) संतपदपर विराजमान !

२५ अगस्त को पू. (श्रीमती) उमा रविचंद्रन् के निवासपर सद्गुरु (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी ने श्रीमती कांतीमती संतानम् से भावपूर्ण संवाद किया । इस संवाद के समय ही सद्गुरु (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी ने श्रीमती कांतीमती संतानम् (आयु ८१ वर्ष) के संतपदपर विराजमान हो जाने की घोषणा की ।

गाने का अभ्यास करते समय सद्गुरु (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी द्वारा किया गया मार्गदर्शन

जब हम आरती गाना आरंभ करते हैं, उसके पश्चात उस देवता का सगुण तत्त्व कार्यरत होता है तथश आरती की पंक्तियों में से अंतिम अक्षर का उच्चारण कर रुकनेपर पुनः निर्गुण तत्त्व कार्यरत होता है ।

सत्कार कैसे करें ?

सत्कारमूर्तियों को चंदन का तिलक, कुमकुम-तिलक अथवा हलदी-कुमकुम (स्त्री हो तो हलदी-कुमकुम) लगाएं । चंदन का तिलक / कुमकुम-तिलक लगाने के लिए एक छोटी कटोरी में चंदन पाउडर अथवा कुमकुम थोडासा गीला करके रखें, तथा सत्कारमूर्तियों में स्त्री हो, तो हलदी-कुमकुम की कटोरियां रखें ।

सनातन संस्था की ओर से ब्रह्मपुर (मध्य प्रदेश) में गणेशोत्सव के उपलक्ष्य में ‘साधना’ विषयपर प्रवचन

सनातन संस्था की ओर से शिवाजीनगर, लालबाग एवं शिकारपुरा में ‘साधना’ विषयपर प्रवचन लिए गए ।