स्त्री अथवा पुरुष संतों का सम्मान (सत्कार) करने की योग्य पद्धति
जो गुरुपदपर आसीन हो और जिसका अहं अल्प हो वह जीव ईश्वर को भी परमप्रिय होता है । ऐसा जीव ही संपूर्ण मानवजाति की दृष्टि से सम्माननीय होता है ।
जो गुरुपदपर आसीन हो और जिसका अहं अल्प हो वह जीव ईश्वर को भी परमप्रिय होता है । ऐसा जीव ही संपूर्ण मानवजाति की दृष्टि से सम्माननीय होता है ।
उज्जैन, मध्य प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में श्री हरसिद्धि देवी मंदिर की गणना होती है । यह देवी राजा विक्रमादित्य की कुलदेवी थीं ।
२५ अगस्त को पू. (श्रीमती) उमा रविचंद्रन् के निवासपर सद्गुरु (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी ने श्रीमती कांतीमती संतानम् से भावपूर्ण संवाद किया । इस संवाद के समय ही सद्गुरु (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी ने श्रीमती कांतीमती संतानम् (आयु ८१ वर्ष) के संतपदपर विराजमान हो जाने की घोषणा की ।
जब हम आरती गाना आरंभ करते हैं, उसके पश्चात उस देवता का सगुण तत्त्व कार्यरत होता है तथश आरती की पंक्तियों में से अंतिम अक्षर का उच्चारण कर रुकनेपर पुनः निर्गुण तत्त्व कार्यरत होता है ।
सत्कारमूर्तियों को चंदन का तिलक, कुमकुम-तिलक अथवा हलदी-कुमकुम (स्त्री हो तो हलदी-कुमकुम) लगाएं । चंदन का तिलक / कुमकुम-तिलक लगाने के लिए एक छोटी कटोरी में चंदन पाउडर अथवा कुमकुम थोडासा गीला करके रखें, तथा सत्कारमूर्तियों में स्त्री हो, तो हलदी-कुमकुम की कटोरियां रखें ।
सनातन संस्था की ओर से शिवाजीनगर, लालबाग एवं शिकारपुरा में ‘साधना’ विषयपर प्रवचन लिए गए ।
मुंबई, नई मुंबई एवं पालघर में श्रीरामनाम संकीर्तन अभियान चलाया गया । दादर में २ स्थानोंपर आयोजित नामजप में १७ श्रद्धालु सहभागी हुए ।
सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति का कार्य ईश्वरीय कार्य है और उसके द्वारा सनातन हिन्दू धर्म को जागृत रखने का कार्य किया जा रहा है ।
श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर ब्रह्मचारी संस्थान, उटी, तहसील शेणगाव, जनपद हिंगोली के संत ब्रह्मचारी पू. सुरेश महाराज उटीकर ने २ सितंबर को देवद, पनवेल के सनातन आश्रम का अवलोकन किया ।
मंगलवार पेठ में स्थित तैय्यार (रेडिमेड) कपडों की दुकान में गौरीपूजन त्योहार के उपलक्ष्य में लक्ष्मी-गौरी के मुखौटे और मूर्तियों को क्रय के लिए रखकर उन मूर्तियों को प्रतिदिन आधुनिक प्रकार के फ्रॉक्स, टॉप्स, मैक्सी अथवा चुडीदार जैसे वस्त्र पहनाए जा रहे थे