मैं सनातन संस्था गोवा के विरोध में नहीं, अपितु उसका सम्मान करता हूं ! – प.रा. आरडे, संपादक, अंधश्रद्धा निर्मूलन वार्तापत्र

फोंडा (गोवा) यहां के अंधश्रद्धा निर्मूलन वार्तापत्र के संपादक प.रा. आरडे ने यहां के दिवानी न्यायालय (वरिष्ठ स्तर) में यह स्वीकृति देते हुए कहा कि सनातन संस्था गोवा के समाज को अध्यात्म की शिक्षा दे रही है और मैं सनातन संस्था गोवा के विरोध में नहीं हूं।

सनातन संस्था के प्रवक्ता चेतन राजहंस ने की सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता अलख अशोक श्रीवास्तव से सद्भावना भेंट !

सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. चेतन राजहंस ने हाल ही में हिन्दू धर्म एवं राष्ट्र के हित में कार्य करनेवाले यहां के सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता अलख अशोक श्रीवास्तव से सद्भावना भेंट की ।

सनातन संस्था का कार्य उत्तरोत्तर बढता जाए ! – प.पू. श्री श्री वामनाश्रम स्वामीजी

हळदीपुर (कर्नाटक) के श्रीसंस्थान हळदीपुर मठाधीश प.पू. श्री श्री वामनाश्रम स्वामीजी ने गुरुवार, १९ सितंबर २०१९ को यहां के सनातन आश्रम का मंगलमय अवलोकन किया ।

बाढ जैसी विभिषिक संकटकालीन स्थिति का सामना करने हेतु साधना कर आत्मबल बढाएं !

‘तुफानी चक्रवात, भूस्खलन, भूकंप, बाढ, तीसरा महायुद्ध आदि संकटकालीन स्थिति किसी भी क्षण उत्पन्न हो सकती है । ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए ?, इसका ज्ञान न होने से सर्वसामान्य व्यक्ति चकरा जाता है और उसका मनोबल भी गिर जाता है ।

जनलोक से पृथ्वीपर जन्में चि. वामन अनिरुद्ध राजंदेकर (आयु १ वर्ष) सनातन के दूसरे बालसंत घोषित !

सनातन की सद्गुरु (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी ने बताया,‘‘ परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी ने जन्म से ही कई दैवीय गुणों से युक्त कु. वामन अनिरुद्ध राजंदेकर (आयु १ वर्ष) जनलोक से पृथ्वीपर जन्मे दूसरे बालसंत होने की घोषणा की है ।’’

ब्रह्मपुर (मध्य प्रदेश) में गणेशोत्सव में सनातन संस्था की ओर से फ्लेक्स, ग्रंथ एवं सात्त्विक उत्पादों की प्रदर्शनी का आयोजन !

राजपुरा के स्वामी विवेकानंद गणेश मंडल में सनातन संस्था की ओर से ४ से ९ सितंबर की कालावधि में फ्लेक्स फलक, ग्रंथ एवं सात्त्विक उत्पादों की प्रदर्शनी का कक्ष लगाया गया ।

रामनाथी, गोवा के सनातन संस्था के आश्रम में श्री सिद्धिविनायक मूर्ति प्रतिष्ठापना समारोह भावपूर्ण वातावरण में संपन्न

१० सितंबर को यहां के सनातन संस्था के आश्रम में सनातन संस्था की सदगुरु (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी एवं सद्गुरु (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी के करकमलों से श्री सिद्धिविनायक मूर्ति की चैतन्यमय एवं भावपूर्ण वातावरण में प्रतिष्ठापना की गई ।

कुछ विशिष्ट उद्देश्यों के लिए श्री गणेशजी की उपासना करते समय पठने आवश्यक मंत्र !

‘हमारे जीवन में कहीं तो न्यूनता है अथवा हमारी इच्छा अपूर्ण है’, ऐसा लगना, इसे उच्छिष्ट कहा जाता है ।

ग्रंथ-विमोचन

‘विमोचन’ अर्थात देवता के कृपाशीर्वाद से उस विशिष्ट घटक में व्याप्त प्रकाश के निर्मितिस्रोत को दिशा अथवा मार्ग दिखाकर उसे समष्टि के लिए कार्यरत करना ।

हिन्दुओं, आप गाय को ही ‘गोग्रास’ देते हैं न ?

त्योहार के दिन गोग्रास दिए बिना भोजन न करनेवाले कई हिन्दू हैं, साथ ही नियमित रूप से गोग्रास दिए बिना भोजन ग्रहण न करनेवाले हिन्दू भी हैं; किंतु यह गोग्रास गाय को ही खिलाया जा रहा है ना ?, इसे देखने की आवश्यकता है ।