पौराणिक दृष्टि से ऐतिहासिक मालवा (मध्यप्रदेश) का विश्‍वविख्यात ‘बाबा बैजनाथ मन्दिर’

‘मालवा के आगर स्थित बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर विश्व के विख्यात शिवमंदिरों में से एक है । इस मंदिर की चमत्कारी कथाओं से प्रभावित कर्नल मर्टिन ने १३७ वर्ष पूर्व, अंग्रेजों के शासनकाल में इस मंदिर का पुनर्निर्माण किया ।

रामकृष्ण परमहंस 

रामकृष्ण परमहंस भारत के एक महान संत थे। संत रामकृष्ण परमहंस का जन्म १८ फ़रवरी १८३६ को बंगाल प्रांत स्थित कामारपुकुर ग्राम में हुआ था।

श्रीलंका के पंच ईश्‍वर मंदिरों में से केतीश्‍वरम मंदिर !

श्रीलंका के पंचशिव क्षेत्रों में ‘केतीशवरम’ विख्यात है । यह उत्तर श्रीलंका के मन्नार जनपद के मन्नार नगर से १० कि. मी. की दूरी पर है ।

श्रीलंका के हिन्दुओं के सबसे बडे मुन्नीश्‍वरम मंदिर का शिवलिंग एवं मानावरी में बालु से बना शिवलिंग !

मुन्नीश्वरम ग्राम श्रीलंका के पुत्तलम जनपद में है । तमिल में ‘मुन्न’ अर्थात ‘आदि’, तथा ‘ईश्वर’ अर्थात ‘शिव’ ।

भक्तोंपर अखंड कृपाछत्र रखनेवाले प.पू. भक्तराज महाराज !

  अनुक्रमणिका१. त्रैलोक्य के योगीराज अवतरित हुए धरतीपर ।२. संत भक्तराज महाराज द्वारा शिष्यावस्था में तडप के साथ की गई गुरुसेवा३. संत भक्तराज महाराज के जीवन की त्रिसूत्री : भजन, भ्रमण एवं भंडारा !३ अ. भजन३ आ. भ्रमण३ इ. भंडारा४. भक्तों से समरस संत भक्तराज महाराज !५. माया में होते हुए भी वैराग्‍यभाव में रहनेवाले … Read more

चतुर्थी तिथि का महत्त्व तथा गणेशजी के विविध अवतारों के नाम एवं उनका कार्य

‘चतुर्थी’ तिथि के देवता श्री गणेशजी हैं; क्योंकि वे विघ्न दूर करनेवाले हैं । हमारी संस्कृति में श्रीगणेश एवं श्रीसरस्वती, इन दोनों देवताओं का बुद्धिदाता देवता के रूप में वर्णन है; परंतु इन दोनों देवताओं के कार्य भिन्न हैं ।

विजयवाडा (आंध्र) प्रदेश का कनकदुर्गा मंदिर

आंध्र प्रदेश के कृष्णा नदी के तटपर बंसा हुआ बडा नगर है ‘विजयवाडा’ ! यहां कृष्णातटपर इंद्रकीलादी नामक पर्वत है, जहां ऋषिमुनियों ने तपश्चर्या की थी ।

शरयु तटपर स्थित मनुनिर्मितनगरी अयोध्या !

हिन्दुओं के उपास्यदेवता प्रभु श्रीरामचंद्रजी का जन्मस्थान है अयोध्यानगरी ! समय के तीव्रगति से आगे बढते समय अपने गौरवशाली इतिहास का अध्ययन एवं आचरण करना ही हिन्दुओं के लिए हितकारी होगा ।