वाराणसी में सनातन संस्था की ओर से अध्यात्मप्रसार हेतु प्रवचन का आयोजन

यहां के आशापुर गांव में आनंदनगर कॉलनी के शिवमंदिर में आंनदमय जीवन हेतु अध्यात्म इस विषय पर प्रवचन का आयोजन किया गया । प्रवचन के साथ फ्लेक्स प्रदर्शनी व ग्रंथ प्रदर्शनी लगाई थी ।

श्राद्धविधि : इतिहास, महत्त्व एवं लाभ

इहलोक छोड गए हमारे पूर्वजों ने हमारे लिए जो कुछ किया, वह उन्हें लौटाना असंभव है । पूर्ण श्रद्धा से उनके लिए जो किया जाता है, उसे ‘श्राद्ध’ कहते हैं ।

पूरे देश में चल रहे हिन्दुआें के वंशविच्छेद का उपाय है पनून कश्मीर ! – डॉ. अजय च्रोंगू

कश्मीर में जो वंशविच्छेद हुआ, आज वह बंगाल, केरल, कर्नाटक और पूरे भारत में हो रहा है । पनून कश्मीर अर्थात कश्मीरी हिन्दुआें का कश्मीर में पुनर्वास, यह इस वंशविच्छेद का एक उपाय है ।

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी द्वारा समय-समय पर दिए गए साधना के विषय में दृष्टिकोण

गुरुपूर्णिमा के दिन गुरुतत्त्व १ सहस्र गुना मात्रा में कार्यरत होने से गुरुपूर्णिमा सभी शिष्य, भक्त एवं साधकों के लिए एक अनोखा पर्व होता है । केवल गुरुकृपा के कारण ही साधक की आध्यात्मिक उन्नति होती है ।

श्री गणेशजी का कार्य, विशेषताएं एवं उनका परिवार

विभिन्न साधनामार्गों के संत विभिन्न देवताओं के उपासक होते हैं, फिर भी सब संतों ने श्री गणेश की शरण जाकर याचना की है, उनका भावपूर्ण स्तवन किया है । सर्व संतों के लिए श्री गणेश अति पूजनीय देवता रहे ।

श्री गणपति के कुछ अन्य नाम

पार्वती द्वारा निर्मित गणेशजी महागणपति के अवतार हैं । उन्होंने मिट्टी से आकार बनाया तथा उसमें गणपति का आवाहन किया । जगदुत्पत्ति से पूर्व महत्त्व निर्गुण तथा आत्मस्वरूप में होने के कारण उसे ‘महागणपति’ भी कहते हैं ।

भगवतभक्ति का अनुपमेय उदाहरण अर्थात् संतश्रेष्ठ नामदेव महाराज !

८४ लक्ष योनियों के पश्‍चात् जीव को मनुष्य जन्म प्राप्त होता है, किंतु उस समय यदि अधिक मात्रा में चुकाएं हुई, तो पुनः फेरा करना पडता है । अतः इस जन्म में ही आत्माराम से (ईश्‍वर से) पहचान करें !

सनातन संस्था तथा हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा इंदौर (मध्यप्रदेश) में प्रवचन

श्री गणेशोत्सव निमित्त सनातन संस्था तथा हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा श्री साई रेसीडन्सी इस संकुल में प्रवचन आयोजित किया गया था ।

चैतन्यदायी गुरुपूर्णिमा महोत्सव में सहस्त्रो लोगों ने अनुभव किया गुरुपरंपरा की महानता !

चैतन्यदायी गुरुपूर्णिमा महोत्सव में सहस्त्रो लोगों ने अनुभव किया गुरुपरंपरा की महानता !