गणेशोत्सव मंडल मनोरंजन के कार्यक्रम की अपेक्षा राष्ट्र-धर्म के विषय में जागृति लानेवाले कार्यक्रमों का आयोजन करें ! – सद्गुुरु नंदकुमार जाधवजी, उत्तर महाराष्ट्र प्रसारसेवक, सनातन संस्था

नंदुरबार में सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति
की ओर से सार्वजनिक उत्सव समन्वय शिविर का आयोजन

दीपप्रज्वलन करते हुए बाईं ओर से सद्गुुरु नंदकुमार जाधवजी, श्री. सुनील सोनार तथा डॉ. नरेंद्र पाटिल

नंदुरबार  : कुछ गणेशोत्सव मंडल के कार्यकर्ता गणेशोत्सव के लिए फिरौती लेने की भांति चंदा इकट्ठा करते हैं । सार्वजनिक उत्सव में भीड का लाभ उठाकर महिलाओं के प्रति दुर्व्यवहार किया जाता है । मंडल के कार्यकर्ताओं को ऐसे समाजद्राहियों को पुलिस के हाथ में देना चाहिए । श्री गणेशमूर्ति शाडू के मिट्टी से बनाई गई तथा अल्प ऊंचाईवाली होनी चाहिए । गणेशोत्सव के समय में चलचित्र गीतों के स्थानपर प्रवचन, वीररसयुक्त गीत, कीर्तन, नामजप, श्री गणपति अथर्वशीर्ष पठन प्रतियोगिता जैसे राष्ट्र-धर्म के विषय में समाज में जागृति लानेवाले कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए । सनातन संस्था के सद्गुुरु नंदकुमार जाधवजी ने ऐसा प्रतिपादन किया । यहां आयोजित सार्वजनिक उत्सव समन्वय शिविर में मार्गदर्शन करते हुए वे ऐसा बोल रहे थे ।

इस शिविर का आरंभ शंखनाद से किया गया । सद्गुुरु नंदकुमार जाधव के हस्तों दीपप्रज्वलन किया गया । इस अवसरपर श्री बाबा गणपति मंडल के श्री. सुनील सोनार तथा हिन्दू जनजागृति समिति के डॉ. नरेंद्र पाटिल उपस्थित थे । धुळे के समितिसेवक श्री. सचिन वैद्य ने इस शिविर का उद्देश्य स्पष्ट किया । उसके पश्‍चात डॉ. नरेंद्र पाटिल ने ‘सामाजिक, राष्ट्रीय तथा धार्मिक दृष्टि से गणेशोत्सव को आदर्श पद्धति से मनाने की आवश्यकता’ विषयपर मार्गदर्शन किया । कु. रागेश्री देशपांडे ने ‘उत्सवों में हिन्दू राष्ट्र स्थापना के उद्देश्य से मंडलों का योगदान’ विषयपर मार्गदर्शन किया ।

इस शिविर में नंदुरबार, नवापुर, तळोदा तथा कोळदा के कुल २८ मंडल तथा एक संगठन के मिलकर ७३ पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता उपस्थित थे ।

सार्वजनिक उत्सव हिन्दूसंगठन का माध्यम
बनें ! – डॉ. नरेंद्र पाटिल, हिन्दू जनजागृति समिति

लोकमान्य तिलकजी द्वारा वर्ष १८९४ में आरंभ किए गए सार्वजनिक गणेशोत्सव से हिन्दूसंगठन हुआ । उससे परतंत्र में देश की स्थिति किस प्रकार से दयनीय है, इसका सभी को भान हुआ और उससे बिखरा हुआ समाज एकत्रित होने में सहायता मिली । आज ऐसे ही संगठनों की आवश्यकता है ।

हिन्दू जनजागृति समिति के उद्बोधन के कारण हमने उत्सवपर
अनावश्यक होनेवाला व्यय घटा दिया ! – श्री. सुनील सोनार, श्री बाबा गणपति मंडल

एक शतक की परंपरा प्राप्त श्री बाबा गणपति मंडल के गणेशोत्सव में शाडू की मूर्ति की स्थापना की जाती है । हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा किए गए उद्बोधन के कारण मंडल ने इसके पहले वाद्य, गुलाल आदि के लिए जो अनावश्यक व्यय किया जाता था, उसका उपयोग समाजोपयोगी तथा धार्मिक कार्य के लिए करना आरंभ किया । हमारे मंडल द्वारा श्री गणेश विसजर्न की शोभायात्रा पारंपरिक पद्धति से लेजीम के नृत्य के साथ निकलती है । प्रत्येक मंडल इस प्रकार से धार्मिक दृष्टि से आदर्श गणेशोत्सव मनाए ।

 

मंडल के पदाधिकारियों के अभिप्राय

हिन्दू जनजागृति समिति के उद्बोधन के कारण शाडू के मिट्टी की मूर्ति
की स्थापना का प्रारंभ ! : श्री. दिनेश पाटिल, अध्यक्ष कुणबी-पाटिल युवा मंच

हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा किए गए उद्बोधन के कारण हमने पिछले वर्ष से शाडू मिट्टी से शास्त्रीय पद्धति से बनाई गई मूर्ति की स्थापना आरंभ की है । हमारा मंडल धार्मिक तथा सामाजिक दृश्य प्रस्तुत कर समाज का उद्बोधन तथा धर्मप्रसार का कार्य करने का प्रयास करता है । साथ ही देश को स्वतंत्रता दिलानेवाले तथा इतिहास से विलुप्त हो रहे क्रांतिकारियों की जानकारीवाली प्रदर्शनी लगाई जाती है । सभी मंडलों को महाराष्ट्र में हमारा जिला आदर्श गणेशोत्सव मनाने में सबसे आगे रहे, इसके लिए प्रयास करने चाहिएं ।

अनुशासन के कारण बिना पुलिस सुरक्षा से भी मंडल की शोभायात्रा
अनुशासित पद्धति से संपन्न होती है ! – प्रदीप माळी, क्षत्रिय गणेश मंडल, तळोदा

हमारे गणेश मंडल में अनुशासन का पालन किया जाता है । उससे उत्सव में महिलाओं का सहभाग अधिक होता है । पुलिस प्रशासन को भी हमारे मंडल के अनुशासन के प्रति विश्‍वास होने से बिना पुलिस सुरक्षा से भी हमारी शोभायात्रा अनुशासत तथा निर्विघ्नरूप से संपन्न होती है ।

१३ अगस्त को जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक को निवेदन सौंपा जाएगा !

इस शिविर में ‘आदर्श गणेशोत्सव कैसे मनाया जाना चाहिए ?’, इस विषयपर उपस्थित पदाधिकारियों की समूहचर्चा ली गई । अंत में मंडल के पदाधिकारियों ने चर्चा कर आपसी सहमति से सार्वजनिक गणेशोत्सव मनाने में आनेवाली समस्याओं के लिए १३ अगस्त को जिलाधिकारी तथा पुुलिस अधीक्षक को निवेदन सौंपने का सुनिश्‍चित किया । श्री. जितेंद्र मराठे ने शिविर का सूत्रसंचालन किया, तो श्री. राजू चौधरी ने आभार व्यक्त किया ।

स्रोत : दैनिक सनातन प्रभात