परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी की देह, उनके द्वारा उपयुक्त वस्तु एवं साधक के पूजाघर में रखे उनके छायाचित्र पर गुलाबी छटा आना

प.पू. डॉक्टरजी की आंखों के अंदर का भाग, त्वचा, नख, केश, जैसे पीले -सुनहरे हो रहे हैं, उसीप्रकार उनकी हथेलियां और पैरों के तलवे का भाग, जीभ एवं होंठ भी गुलाबी हो रहे हैं । यह प.पू. डॉक्टरजी में विद्यमान ईश्वर के सर्वव्यापी प्रीति के रंग का परिणाम है ।

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी का विविध क्षेत्रों में शोधकार्य

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के मार्गदर्शन में हिन्दू आचार, आहार, वेशभूषा, केशभूषा, धार्मिक विधियां, यज्ञ, नामजप, मुद्रा, न्यास, श्रीयंत्र आदि का व्यक्ति, वस्तु एवं वातावरण पर होनेवाले परिणामों के विषय में विविध वैज्ञानिक उपकरणों द्वारा शोधकार्य शुरू है ।

सनातन संस्था द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम: ‘अंधश्रद्धा निर्मूलन या छुपा अर्बन नक्सलवाद!’

सनातन धर्म को नष्ट करने के लिए शहरी नक्सलवादियों द्वारा लगातार साजिशें रची जा रही हैं । डॉ. नरेंद्र दाभोलकर और कॉ. गोविंद पानसरे जैसे आधुनिकतावादी की हत्याओं में सनातन संस्था को दोषी ठहराने के लिए अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति और शहरी नक्सलवादियों की साजिश थी, ऐसा सनातन संस्था के श्री. चेतन राजहंस ने कहा ।…

सती का ब्रह्मरंध्र जिस स्थान पर गिरा, वह पाकिस्तानस्थित शक्तिपीठ श्री हिंगलाजमाता !

हिंगलाजमाता मंदिर ५१ शक्तिपीठों में से एक हैं और पाकिस्तान में है । इस स्थान पर सती का ब्रह्मरंध्र (सिर) गिरा था । वह बलुचिस्तान की लारी तालुका की एक घनी घाटी में हैं । हिंगोल नदी के तट पर और मकरान मरुस्थल की खेरथार पहाडियों में बसा श्री हिंगलाजमाता मंदिर करोडों हिन्दुओं का श्रद्धास्थान है ।

आम्लपित्त (Acidity) इस बीमारी पर होमिओपैथी औषधियों की जानकारी

पेट में आम्ल की (acid की) मात्रा अधिक होने से आम्लपित्त का कष्ट होता है । मुंह में खट्टा स्वाद आना, छाती में जलन, ग्रहण किया अन्न अथवा खट्टा पानी पेट से पुन: मुंह में आना, निगलने में कष्ट होना, अपचन होना, पेट के ऊपर के भाग में वेदना इत्यादि आम्लपित्त के लक्षण हैं ।

बद्धकोष्ठता (Constipation) इस बीमारी पर होमियोपैथी औषधि

सप्ताह में ३ से कम बार शौच होना, शौच शुष्क एवं कडक होना, शौच करने में कठिनाई होना, शौच करते समय वेदना होना, इसके साथ ही शौच अपूर्ण होने का भान होना, इसे ‘बद्धकोष्ठता’ कहते हैं । अयोग्य आहार की आदत, यह बद्धकोष्ठता का प्रमुख कारण हैं ।

सनातन संस्था द्वारा देशभर में 75 स्थानों पर ‘गुरुपूर्णिमा महोत्सव’ भावपूर्ण वातावरण में संपन्न !

21 जुलाई 2024 को, सनातन संस्था द्वारा देशभर में 75 स्थानों पर ‘गुरुपूर्णिमा महोत्सव’ का आयोजन किया गया है । यह महोत्सव मराठी, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, तमिल, मल्यालम आदि भाषाओं में आयोजित किया गया है । सभी राष्ट्र और धर्म प्रेमी हिंदुओं से विनती है कि वे इस अनमोल पर्व का सहपरिवार लाभ लें ।

अनुपम प्रीति से सभी को एकसमान ईश्वरप्राप्ति के धागे में पिरोनेवाले परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी !

साधकों को साधना से जोडकर रखनेवाली, कठिन काल में मनोबल देनेवाली वह शक्ति है परात्पर गुरु डॉक्टरजी की साधकों के प्रति अपार प्रीति ! समष्टि के प्रति उच्च प्रीति, यह परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी की एक अभूतपूर्व विशेषता है ।

‍वैश्विक हिन्दू राष्ट्र महोत्सव में सनातन संस्‍था के ‘अध्यात्म का प्रास्ताविक विवेचन’ नामक गुजराती ‘ई-बुक’का प्रकाशन !

वैश्‍विक हिन्दू राष्‍ट्र महोत्‍सव के ५ वें दिन अर्थात २८ जून के पहले सत्र में सनातन संस्था के ‘अध्‍यात्‍म का प्रास्‍ताविक विवेचन’ नामक गुजराती ‘ई-बुक’का प्रकाशन उत्तरप्रदेश के पावन चिंतन धारा आश्रम के संस्‍थापक पू. प्रा. पवन सिन्‍हा गुरुजी के शुभहस्तों किया गया । इस अवसर पर व्यासपीठ पर भूतपूर्व मुख्य जिलान्‍यायाधीश अधिवक्‍ता दिलीप देशमुख, … Read more

फ्रान्स के सिनेट में सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का ‘भारत गौरव पुरस्कार’ देकर सम्मान !

सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी को 5 जून 2024 को फ्रान्स के सीनेट में (संसद में) ‘भारत गौरव पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया ।