फरीदाबाद में सनातन संस्था की ओर से आदर्श एवं सुसंस्कारित पीढी के निर्माण हेतु बालसंस्कार वर्ग आयोजित !

इस समारोह में उन बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ प्रस्तुति दी, जिन्होंने सनातन संस्था द्वारा संचालित बाल संस्कार वर्ग में भाग लिया था । बच्चों ने श्लोक, बोधप्रद कहानियां और आध्यात्मिक खेल, जो उन्हें सिखाए गए थे, पूरे जोश और उत्साह के साथ प्रस्तुत किए ।

रथसप्तमी (Rathasaptami 2026)

हिन्दू धर्म और भारतीय संस्कृति में उच्च देवताआें की उपासना और उनके विविध त्योहार और उत्सव हैं । उसी प्रकार उसमें कनिष्ठ देवताआें की भी उपासना है । सूर्य, चंद्र, अग्नि, पवन, वरुण और इंद्र आदि प्रमुख कनिष्ठ देवता हैं । मनुष्य तथा प्राणिमात्र के जीवन में इन कनिष्ठ देवताआें का महत्त्वपूर्ण स्थान है ।

माघी श्री गणेश जयंती (Ganesh Jayanti 2026)

गणेशलहरी जिस दिन प्रथम पृथ्वी पर आई, अर्थात जिस दिन गणेशजन्म हुआ, वह दिन था माघ शुद्ध चतुर्थी । तब से गणपति का और चतुर्थी का संबंध जोड दिया गया । माघ शुक्ल पक्ष चतुर्थी ‘श्री गणेश जयंती’ के रूप में मनाई जाती है ।

हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के कार्यक्रम में सनातन संस्था का सहभाग !

फरीदाबाद के सेक्टर 12 के एच.एस.वी.पी. कन्वेंशन हॉल मे हरियाणा सरकार की ओर से अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया गया, उसमे सनातन संस्था कि और से ग्रंथ प्रदर्शनी लगाई गई, जिसका लाभ 100 से अधिक लोगों ने लिया। ग्रंथ प्रदर्शनी में संस्था की ओर से राष्ट्र और धर्म, देवी-देवता और बाल संस्कार के विषय पर ग्रंथों की प्रदर्शनी लगाई गई

सनातन संस्था के सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले द्वारा लिए गए हिंदू राष्ट्र के लक्ष्य को साकार करने का समय आ गया है! – प. पू. स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज

कुछ वर्ष पूर्व ‘हिंदू’ शब्द कहना कठिन था। सनातन कहना उससे भी कठिन था। ऐसी विपरीत परिस्थिति में सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले जैसे एक सत्पुरुष, महात्मा निष्ठे से यहां (गोवा में) आकर खड़े होते हैं और अपनी तपस्या का आरंभ करते हैं। सनातन संस्था के बढते हुए कार्य को देखते हुए, ‘यह कार्य अब रुकेगा नहीं, यह उत्तरोत्तर बढता ही जाएगा और एक दिन हिंदू राष्ट्र स्थापना का लक्ष्य साकार करेगा, इसकी निश्चिती होती है।

भारत को विश्व में सर्वोच्च स्थान पर पहुंचाने में ‘सनातन आश्रम’ का योगदान सबसे बड़ा होगा ! – प.पू. स्वामी गोविंददेव गिरि जी

सनातन संस्था के आश्रम में आकर, इस पुण्यभूमि में उपस्थित होकर और इसका पूर्ण अवलोकन करने के बाद मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई। केवल गोवा ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों को भी ‘तपोभूमि’ बनाने में ‘सनातन आश्रम’ का बड़ा योगदान है।

30 नवंबर को सनातन संस्था के रजत जयंती समारोह में प.पू. गोविंददेव गिरि महाराज का मुख्यमंत्री श्री. प्रमोद सावंत के हाथों सम्मान

गोवा राज्य में स्थापित और वर्तमान में पूरे भारत में सनातन हिंदू धर्म का प्रचार-प्रसार करने वाली सनातन संस्था का रजत जयंती समारोह 30 नवंबर को आयोजित किया गया है। इस अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास के कोषाध्यक्ष प.पू. स्वामी गोविंददेव गिरी महाराज को गोवा के मुख्यमंत्री श्री प्रमोद सावंत के हाथों ‘अमृत महोत्सवी सम्मान’ प्रदान किया जाएगा।

अनिद्रा (Insomnia) पर होमियोपैथी औषधियों की जानकारी

निरामय स्वास्थ्य के लिए प्रौढ व्यक्तियों को लगभग ७-८ घंटे की नींद आवश्यक होती है । ‘नींद बिलकुल न लगना, अपेक्षित और आवश्यक घंटे नींद न लगना, नींद से रात में जाग जाना और पुन: नींद न लगना, सवेरे बेसमय पर जाग जाना’, इन सभी लक्षणों को  ‘अनिद्रा’, कहते हैं ।

भूख न लगना (Loss of Appetite) इस रोग पर होमियोपैथी औषधियों की जानकारी

२ सप्ताह से अधिक समय तक भूख मंद होगी, तो उपचार करना आवश्यक होता है । भूख मंद होना अथवा न लगना, इन लक्षणों के अतिरिक्त कोई भी विशेष लक्षण हों, तो वह औषधि लें, यह औषधि के नाम के सामने दिया है ।

पाठदुखी (Backache) इस बीमारी पर होमियोपैथी औषधियों की जानकारी

पीठ में मंद से तीव्र वेदना होना, इसे पीठदर्द कहते हैं । कई बार इस पीठदर्द के लक्षण के अतिरिक्‍त कोई अन्य विशेष लक्षण हो, तो वह औषधि लें । ये लक्षण, उन औषधियों के नाम के आगे दिए हैं ।