मुसलमान एवं ईसाईयों के विद्यालयों में उनके धर्म की शिक्षा दी जाती है; किंतु इसके विपरीत हिन्दू बुद्धीजीवि एवं सर्वसमभाववाले विद्यालयों में हिन्दू धर्म की शिक्षा देने का विरोध करते हैं । उसके कारण हिन्दुआें की स्थिति केवल भारत में ही नहीं, अपितु विश्व में दयनीय हो चुकी है । इसका एकमात्र समाधान यह है कि बच्चों को अध्यात्म की शिक्षा देना तथा उनसे साधना करवा लेना । उससे १-२ पिढीयों के पश्चात हिन्दुआें को पूरे विश्व में सम्मान का स्थान प्राप्त होगा । – परात्पर गुुरु डॉ. आठवलेजी (८.६.२०१७)
हिन्दुओ, ‘हिन्दू राष्ट्र मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं उसे प्राप्त करके रहूंगा’, ऐसा निश्चय...
पूर्वकाल का परिवार की भांति एकत्र रहनेवाला समाज और आज का टुकड़े-टुकड़े हो चुका समाज...
हिन्दू धर्म में सहस्रों ग्रंथ होने का शास्त्र !
हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के कार्य हेतु समष्टि साधना आवश्यक !