निरपेक्ष प्रेम के कारण सदैव दूसरों का विचार करनेवाले तथा प्रत्येक कृत्य सुंदर तथा आदर्श पद्धति से करनेवाले सनातन के ११वें संत पू. संदीप आळशीजी

फरवरी से जून २०१७ की अवधि में कु. गौरी मुदगल (आयु १७ वर्ष) पू. संदीप आळशीजी के लिए काढा बनाने की सेवा करती थी । इस कालावधि में उसे पू. संदीपभैय्या से सिखने मिले सूत्र तथा सेवा करते समय प्राप्त अनुभूतियां यहां दे रहे हैं ।

अनुसंधान में विद्यमान पू. श्रीकृष्ण आगवेकरजी !

मैं जब आगवेकरकाकाजी के घर गई, तब उन्होंने हंसकर विनम्रता से मुझे बैठने के लिए कहा । उनकी ओर देखते समय ‘मुझे चैतन्य मिल रहा है’, ऐसा प्रतीत होकर मेरी बहुत भावजागृति हुई ।

विनम्र, निरपेक्ष एवं सेवाभावी पू. नीलेश सिंगबाळ !

पू. सिंगबाळजी में सीखने की वृत्ति भी अत्यधिक है । कोई कुछ नया बताए, तो पूरी एकाग्रता से सुनते हैं और उसके विषय में पूछते हैं । उनके मुख से श्‍वेत प्रकाश प्रक्षेपित होता दिखता था और उनमें प.पू. गुरुदेवजी की छवि दिखती थी ।

मां-पिता समान सभी साधकों को आध्यात्मिक स्तर पर घडने के लिए प्रयासरत पू. (श्रीमती) सूूरजकांता मेनरायजी !

सनातन की ४५ वीं संत पूज्य (पू.) मेनराय दादी का ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष त्रयोदशी को जन्मदिन है  इस निमित्त उनकी ध्यान में आई गुणविशेषताएं यहां दे रहे हैं । 

सनातन की संत पू. (श्रीमती) सूरजकांता मेनराय द्वारा साधकों को बताएं गए अनमोल सूत्रं

सनातन की ४५ वी संत पू. (श्रीमती) सूरजकांता मेनराय को ७५ वर्ष पूर्ण हो रहे हैं । उस अवसर पर उन्होंने साधकों को मार्गदर्शक सूत्रं बताएं ।

सेवा की लगन, निर्मलता, प्रेमभाव, ईश्वर के प्रति भाव इत्यादि गुणों से युक्त पुणे की सनातन की संत पू. (श्रीमती) प्रभा मराठेआजी (आयु ८० वर्ष ) !

सेवा की लगन, निर्मलता, प्रेमभाव, ईश्वर के प्रति भाव इत्यादि गुणों से युक्त पुणे की सनातन की संत पू. (श्रीमती) प्रभा मराठेआजी (आयु ८० वर्ष ) !

मेनराय दंपति – सनातन की एक आदर्श दंपति !

पूज्य भगवंत मेनराय और पूज्य सूरजकांता मेनराय का कुछ महीनों से सनातन के रामनाथी, गोवा आश्रम में निवास रहा है । आश्रम में नए होकर भी वे आश्रमजीवन से शीघ्र एकरूप हो गए हैं । मेनराय पती-पत्नी के अनेक सद्गुणों का हुआ दर्शन इस लेख में शब्दबद्ध किया है ।

शारीरिक कष्ट होते हुए भी सहजावस्था में रहनेवाले पू. भगवंतकुमार मेनरायजी !

हिन्दू धर्म में श्रावण का माह वर्ष में विशेष महत्त्व रखता है । इसी माह में नागपंचमी की शुभतिथि पर शिवभक्त पू. भगवंतकुमार मेनरायजी का जन्म हुआ है ।

पू.(श्रीमती)सुशीला मोदी भाभी की ध्यान में आई कुछ गुणविशेषताएं !

मोदीभाभी पाक्षिक सनातन प्रभात का वितरण करना,पाक्षिक के लिए विज्ञापन लाना,विद्यालयों में सनातन बहियां तथा क्रांतिकारियों की प्रदर्शनी पहुंचाने के लिए प्रयत्न करना,अधिकाधिक लोगों तक सनातन पंचांग पहुंचाना,ऐसी अनेक सेवाआें में निरंतर व्यस्त रहती हैं ।

सनातन के दो साधक संतपद पर हुए विराजमान !

पू. (कु.) रेखा दीदी की प्रगति के लिए कारणभूत उनके निरपेक्ष प्रेम और गुरु का आज्ञापालन करने की लगन आदि गुणों के दर्शन श्रीरामनवमी के दिन उपस्थित जनसमुदाय को हुए ।