आमलकी (आंवला/आवळा) चूर्ण
आंवला चूर्ण का गुणधर्म शीतल है तथा यह वात, पित्त एवं कफ का संतुलन बनाती है ।
यष्टीमधु (मुलेठी/ज्येष्ठमध) चूर्ण
ज्येष्ठमध चूर्ण का गुणधर्म शीतल तथा नेत्र, त्वचा, केश एवं गले के लिए हितकारी है ।
सूर्यग्रहण के कारण विश्व में युद्धजन्य स्थिति उत्पन्न हो सकती है !- ज्योतिष की भविष्यवाणी
समाचार वाहिनी ‘आज तक’ द्वारा प्रसारित किए गए ज्योतिषाचार्य कमल नंदलाल के भविष्य कथन के अनुसार, ‘इस ग्रहण का पूरे विश्व में अनिष्ट परिणाम दिखाई देनेवाला है ।
संक्रमण की अवधि में आवश्यक आहार और स्वास्थ्य शीघ्र सामान्य होने के लिए उपाय
आज यह बात सभी के ध्यान में आ चुकी है कि किसी न किसी प्रकार से हमें भी संक्रमण हो सकता है । वह न हो; इसका ध्यान लेने के दिन बीत गए । अब सभी को इसी तत्त्व का पालन करना होगा कि हमें भी संक्रमण हो सकता है; परंतु उसके लिए हमारा स्वास्थ्य सामान्य स्थिति में आने की गति (रिकवरी रेट) अच्छी होनी चाहिए ।
बहुगुणी आंवला !
‘आंवला पृथ्वी पर अमृत है ! आंवला शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कष्ट दूर करने के लिए उपयुक्त है; इसलिए आयुर्वेद में इसे ‘औषधियों का राजा’ कहते हैं । ‘आमला एकादशी’ पर श्रीविष्णु को आंवला अर्पण करते हैं ।
