आमलकी (आंवला/आवळा) चूर्ण
आंवला चूर्ण का गुणधर्म शीतल है तथा यह वात, पित्त एवं कफ का संतुलन बनाती है ।
आंवला चूर्ण का गुणधर्म शीतल है तथा यह वात, पित्त एवं कफ का संतुलन बनाती है ।
ज्येष्ठमध चूर्ण का गुणधर्म शीतल तथा नेत्र, त्वचा, केश एवं गले के लिए हितकारी है ।
समाचार वाहिनी ‘आज तक’ द्वारा प्रसारित किए गए ज्योतिषाचार्य कमल नंदलाल के भविष्य कथन के अनुसार, ‘इस ग्रहण का पूरे विश्व में अनिष्ट परिणाम दिखाई देनेवाला है ।
आज यह बात सभी के ध्यान में आ चुकी है कि किसी न किसी प्रकार से हमें भी संक्रमण हो सकता है । वह न हो; इसका ध्यान लेने के दिन बीत गए । अब सभी को इसी तत्त्व का पालन करना होगा कि हमें भी संक्रमण हो सकता है; परंतु उसके लिए हमारा स्वास्थ्य सामान्य स्थिति में आने की गति (रिकवरी रेट) अच्छी होनी चाहिए ।
‘आंवला पृथ्वी पर अमृत है ! आंवला शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कष्ट दूर करने के लिए उपयुक्त है; इसलिए आयुर्वेद में इसे ‘औषधियों का राजा’ कहते हैं । ‘आमला एकादशी’ पर श्रीविष्णु को आंवला अर्पण करते हैं ।
जिनमें कोरोना रोग के लक्षण पाए गए हैं एवं जो न्यूमोनिया या थकान आदि के लक्षणों के कारण अस्पताल में भरती हैं, ऐसों के लिए सुवर्ण मालिनी वसंत की २० गोलियां खरीद लें ।
आनेवाली ५ अप्रैल को प्रातः ५ बजे बृहस्पति ग्रह अपनी राशि में परिवर्तन करेंगे । वर्तमान में मकर राशि में स्थित यह ग्रह, कुंभ राशि में प्रवेश करेगा । अगले १३ माहों तक बृहस्पति ग्रह इस राशि में रहेगा । ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बृहस्पति ग्रह के राशि परिवर्तन को एक महत्वपूर्ण घटना माना जाता है । यह परिवर्तन व्यक्तियों, समाजों एवं देशों को प्रभावित करता है ।
‘अनेक संतों ने समय-समय पर बताया है कि आनेवाला समय बहुत भयानक है । यह भयानक आपातकाल अब आरंभ हो गया है । ‘आपातकाल में घर का निर्माण करने हेतु किन बातों की आवश्यकता होती है इस संदर्भ में हम इस लेख में विस्तार से विचार करेंगे ।