परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजीके मार्गदर्शनमें आध्यात्मिक संग्रहालय निर्मित किया जा रहा है । इस संग्रहालयके लिए भारतके तीर्थक्षेत्र, देवालय, सन्तोंके मठ, उनके समाधिस्थान, ऐतिहासिक स्थल आदि से अध्यात्मशास्त्रकी दृष्टिसे महत्त्वपूर्ण वस्तुएं, मिट्टी, पानी आदि तथा अच्छी और अनिष्ट शक्तियोंसे प्रभावित १५ सहस्र वस्तुएं, सहस्रों छायाचित्र और २७ सहस्रसे अधिक दृश्य-श्रव्य चक्रिकाआेंके लिए पर्याप्त चित्रीकरण (३४३ टेराबाइट) अबतक संग्रहित हुआ है । ऐसी अनेक प्रकारकी आध्यात्मिक महत्त्वकी वस्तुआेंका संरक्षण कर, परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी आध्यात्मिक विश्वके इतिहासमें एक नया अध्याय ही लिख रहे हैं ।
| अनु. | विषयसूची | संग्रहका उद्देश्य | संख्या |
| १. | अनिष्ट शक्तियोंद्वारा आक्रमण की वस्तुएं | अनिष्ट शक्तियोंके आक्रमणकी तीव्रता और स्वरूप का अध्ययन |
१९२८ |
| २. | अच्छी शक्तियोंके कारण परिवर्तित हुई वस्तुएं | दैवी शक्तियोंके कारण साधक और सन्तों की वस्तुआेंमें हुए परिवर्तनका अध्ययन | २७४ |
| ३. | विविध सन्तोंकी और उनसे सम्बन्धित वस्तुएं | स्तरानुसार और कालानुसार वस्तुआेंमें होनेवाले परिवर्तन एवं चैतन्य का अध्ययन | २२५२ |
| ४. | देश-विदेशकी विविध सात्त्विक वस्तुएं | वस्तुआेंकी सात्त्विकता तथा सम्बन्धित देवताके तत्त्वका अध्ययन | ३३७४ |
| ५. | देश-विदेशकी विविध असात्त्विक वस्तुएं | व्यक्तिके मन, बुद्धि तथा वायुमण्डल पर असात्त्विक वस्तुआेंके अनिष्ट प्रभावका अध्ययन |
१२६ |
| ६. | ऐतिहासिक वस्तुएं | तत्कालीन सांस्कृतिक मूल्य और गुणवत्ताका अध्ययन |
८३४ |
सन्दर्भ : सनातन-निर्मित ग्रंथ ‘परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजीके सर्वांगीण कार्यका संक्षिप्त परिचय’

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी का विविध क्षेत्रों में शोधकार्य
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