अपने सैनिकों में ब्राह्मजेत एवं क्षात्रतेज को जगानेवाले छत्रपति शिवाजी महाराजजी के इतिहास को हरएक ने अपनाना चाहिये ! – श्रीमती नयना भगत, सनातन संस्था

छत्रपति शिवाजी महाराजजी के पदस्पर्श से पावन हुई भिवंडी में, ‘हिन्दू धर्मजागृति सभा’ संपन्न !

व्यासपीठ पर बाईं ओर से श्रीमती नयना भगत, श्री. सुमीत सागवेकर एवं संबोधित करते हुए श्री. रतन राजपुरोहित

ठाणे : आज हिन्दूओं पर बडी मात्रा में आघात हो रहे हैं। हम में व्याप्त शौर्य की न्यूनता के कारण नहीं, अपितु हम में होनेवाली संघटित वृत्ति के अभाव के कारण ही यह हो रहा है। मैं मराठी, माथाडी, गुजराथी, उत्तर भारतीय नहीं हूं, अपितु पहले मैं हिन्दू हूं, इस भावना से हमें धर्मरक्षा हेतु संघटित होना चाहिये। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के श्री. रतन राजपुरोहित ने ऐसा आवाहन किया। २२ जनवरी को भिवंडी के प्रांगण में हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से ‘हिन्दू धर्मजागृति सभा’ का आयोजन किया गया था, उसमें वे संबोधित कर रहे थे।

इस समय व्यासपीठपर सनातन संस्था की श्रीमती नयना भगत एवं हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. सुमीत सागवेकर उपस्थित थे। सभा का प्रारंभ दीपप्रज्वलन से किया गया। इस सभा में २२५ से भी अधिक धर्माभिमानी उपस्थित थे। इस समय ज्ञापनोंपर धर्माभिमानियों के हस्ताक्षर लिये गये। पद्मानगर के धर्मशिक्षा वर्ग में आनेवाले धर्माभिमानियों ने स्वयंस्फूर्ति से इस सभा का प्रसार किया।

दीपप्रज्वलन करती हुई श्रीमती नयना भगत साथ में श्री. सुमित सागवेकर

श्री. रतन राजपुरोहित ने आगे कहा कि, जिस प्रकार रामायण में जांबुवंत ने हनुमानजी को उनके सामर्थ्य का भान कराया, उसीकी भांति हिन्दू युवकों को उनमें व्याप्त शौर्य का भान कराने की भूमिका हमें निभानी है। हमपर आघात होनेपर कोई हमें बचा लेगा, इस भ्रम में ना रहे। स्वयं की तथा धर्म की रक्षा हेतु सिद्ध हो जाईये !

अपने सैनिकों में ब्राह्मजेत एवं क्षात्रतेज को जगानेवाले छत्रपति शिवाजी महाराजजी
के इतिहास को हरएक ने अपनाना चाहिये ! – श्रीमती नयना भगत, सनातन संस्था

भिवंडी के गोकुलनगर क्षेत्र की महिलाएं धर्मांधों के भय के कारण रात के ९ बजे के पश्‍चात अपने घरों से बाहर पडने के लिए डर रही हैं। लव जिहाद के संदर्भ में जागृति होना, युवतियोंद्वारा धर्माचरण किया जाना एवं स्वसंरक्षण प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक है। छत्रपति शिवाजी महाराजजी ने अपने सैनिकों में ब्राह्मतेज एवं क्षात्रतेज जागृत कर मुघलों की पराजय की। आज हमें इस इतिहास को अपनाना चाहिये।

लोकतांत्रिक व्यवस्था सुराज्य प्रदान करने में असफल
होने के कारण अब ‘हिन्दू राष्ट्र’ की स्थापना के अतिरिक्त अन्य
कोई विकल्प नहीं ! – श्री. सुमीत सागवेकर, हिन्दू जनजागृति समिति

हिन्दुओं को जाति, संप्रदाय एवं राजनीतिक दल इन उपाधियों में लिप्त न होकर केवल एक ‘हिन्दू’ के रूप में धर्म हेतु संघटित होना चाहिये। मुंबई के सिद्धीविनायक मंदिर में भक्तोंद्वारा आस्था के साथ समर्पित किये जानेवाले अर्पण को धर्मांधों के उपयोग में लाया जाता है। सूचना के अधिकार के अंतर्गत यह जानकारी प्राप्त हुई है। आज की लोकतांत्रिक व्यवस्था हमें सुराज्य प्रदान करने में असफल होने के कारण अब ‘हिन्दू राष्ट्र’ की स्थापना के अतिरिक्त अन्य कोई विकल्प नहीं है।

उपस्थित मान्यवर

शिवसेना विभागप्रमुख श्री. प्रसाद पाटिल, भाजपा के महाराष्ट्र प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य श्री. श्यामजी अग्रवाल, एकता महिला मंडल की श्रीमती सुप्रिया विजय पाटिल, शिवसेना पार्षद श्रीमती पूनम प्रकाश पाटिल, मानसरोवर महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती पिंकी श्यामजी अग्रवाल, पद्मशाली समाज के अध्यक्ष श्री. नरसैय्या एमुल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के श्री. बाबुलाल राजपुरोहित एवं धर्माभिमानी श्री. विजय पाटिल

सम्मिलित संगठन एवं राजनीतिक दल

बजरंग दल, विश्‍व हिन्दू परिषद, इस्कॉन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भाजपा, एकता महिला मंडल, मानसरोवर महिला मंडल, सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति

विशेष सहयोग

सभा हेतु सर्वश्री श्यामजी अग्रवाल, प्रसाद पाटिल एवं विजय पाटिल की ओर से विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।

क्षणचित्र

१. आसपास की इमारतों में रहनेवाले नागरिक सभा का विषय सुन रहे थे। जैसे ही ‘वन्दे मातरम’ प्रारंभ हुआ, वो सभी उठकर खडे हो गये। सभा के समय में पुलिस प्रशासनद्वारा ‘हिन्दू धर्मजागृति सभा’ के आयोजकों को नियम एवं शर्तों का पालन करने के संदर्भ में पत्र दिया गया।

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात