अयोध्या में सनातन संस्था की ओर से प्रत्यक्ष भेंट और बैठकों द्वारा ‘हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान’

अयोध्या (उ.प्र.) – कुंभ मेले में सनातन संस्था के संपर्क में आए अयोध्या के धर्मप्रेमी व्यक्तियों से ‘हिन्दू राष्ट्र’ विषय पर संवाद करने के लिए सनातन संस्था की ओर से इस क्षेत्र में ‘हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान’ कार्यान्वित किया गया है । इसमें सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. चेतन राजहंस और अयोध्या के डॉ. नंदकिशोर ने धर्मप्रेमियों से प्रत्यक्ष भेंट की और बैठकों द्वारा संवाद किया ।

१. सरयू नदी के बचाव के लिए अशासकीय संस्था द्वारा कार्य करनेवाले पर्यावरण विशेषज्ञ श्री. अभिषेक सिंह ने शासकीय वनरोपण और प्रदूषण निर्मूलन की प्रक्रियाओं में हो रहे भ्रष्टाचार की जानकारी दी । सनातन संस्था के धर्मजागृति कार्य की जानकारी सुनने के पश्‍चात उन्होंने उनके संपर्क में आए युवकों के लिए एक बैठक का आयोजन निश्‍चित किया ।

२. अयोध्या के पुजारी श्री. विधिभूषण पांडेजी ने उनके संपर्क में आए धर्मप्रेमी नागरिकों के लिए हिन्दू राष्ट्र-जागृति बैठक आयोजित की । इस समय शिक्षक, विद्यार्थी, राजकीय अभियान में सम्मिलित होनेवाले कार्यकर्ता उपस्थित थे । इस बैठक में धर्मप्रेमियों ने सनातन संस्था के कार्य में प्रत्यक्ष सहभागी होने की इच्छा व्यक्त की । बैठक में उपस्थित श्री. तुषार श्रीवास्तव ने दूसरे दिन देवकाली मंदिर में धर्मप्रेमी युवकों की बैठक का आयोजन किया ।

३. श्री. तुषार श्रीवास्तवजी द्वारा आयोजित बैठक में १२ युवक उपस्थित थे । इस बैठक में सबने निश्‍चय किया कि हिन्दू राष्ट्र-स्थापना के संदर्भ में अधिकाधिक जागृति करेंगे । इस बैठक के पश्‍चात धर्मप्रेमी युवकों की उपस्थिति में ‘चीनी वस्तुओं का बहिष्कार’ विषय पर ‘फेसबुक लाइव’ किया गया ।

४. अयोध्या के नाडी वैद्य तथा अधिवक्ता रामप्रसाद पांडेजी ने प्रत्यक्ष भेंट में बताया कि ‘‘अयोध्या में १९०२ में दैवी जल के १०८ कुंड थे । आज इन सभी पर अवैध अतिक्रमण कर लोगों ने घर बनाए हैं । शासन इस संदर्भ में कुछ नहीं करता, यह ध्यान में लेकर हमने यहां न्यायालयीन संघर्ष प्रारंभ किया है ।’’ अधिवक्ता पांडेजी ने इस भेंट में उनके संपर्क के धर्मप्रेमियों के लिए हिन्दू राष्ट्र-जागृति के बैठक के आयोजन का निश्‍चित किया ।

 

शास्त्र समझकर धार्मिक कृत्य करने से
उसका अधिक लाभ मिलता है ! – चेतन राजहंस

झुंसी, प्रयागराज – सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री चेतन राजहंस ने मार्गदर्शन करते हुए कहा कि गंगास्नान, कुमकुमधारण, श्राद्धविधि आदि धार्मिक कृत्यों का शास्त्र ज्ञात हो, तो ये कृत्य श्रद्धापूर्वक होते हैं । श्रद्धा से किए गए कृत्यों से अधिक आध्यात्मिक लाभ होता है । कुंभ मेले में सनातन संस्था की प्रदर्शनी देखे धर्मप्रेमियों के लिए आयोजित बैठक में वे ऐसा बोल रहे थे ।

स्रोत : दैनिक सनातन प्रभात