आज के समय में शास्त्र के अनुसार शाडू की मिट्टी से बनी श्री गणेशमूर्ति की स्थापना करना तथा उसके लिए उद्बोधन की आवश्यकता ! – वैद्य (श्रीमती) दीक्षा पेंडभाजे

सनातन संस्था की ओर से ठाणे तथा बदलापुर में ‘आदर्श गणेशोत्सव’ विषयपर प्रवचन !

वैद्य (श्रीमती) दीक्षा पेंडभाजे का मार्गदर्शन सुनते हुए जिज्ञासु

ठाणे : आजकल उत्सवों में काल के अनुसार परिवर्तन किए जा रहे हैं, जिससे कि उत्सवों की पवित्रता ही नष्ट हो रही है । डीजेपर चलचित्र के गाने बजाकर मदिरापान कर हुडदंग मचाते हुए शोभायात्राएं निकालना, पर्यावररपूरक उत्सव के नामपर प्रदूषणकारी कागद की लुगदी से बनी मूर्ति की स्थापना करना, मूर्तिदान देना, जागरण के नामजप मंडप में जुआ खेलना आदि विकृतियों के कारण गणेशोत्सव की पवित्रता नष्ट हो रही है । इन विकृतियों को नष्ट कर शास्त्र के अनुसार शाडू मिट्टी से बनी गणेशमूर्ति की स्थापना करना तथा आदर्श गणेशोत्सव मनाने के लिए लोगों का उद्बोधन करना समय की मांग है । सनातन संस्था की वैद्य (श्रीमती) दीक्षा पेंडभाजे ने ऐसा प्रतिपादित किया । ३५ दुर्गप्रेमियों ने इस मार्गदर्शन का लाभ उठाया ।

बदलापुर में भी ३ धर्मप्रेमियों के घर में प्रवचन लिए गए । बदलापुर की कीर्तनकर्ता श्रीमती चंदात्रय ने सनातन संस्था के पक्ष में अपनी प्रतिक्रिया दी ।

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात