सनातन का कार्य विश्‍वव्यापी बने और आपातकाल में साधकों की रक्षा हेतु गोवा स्थित सनातन आश्रम में कलशारोहण

नाडीपट्टिका के माध्यम से महर्षिजी ने किए मार्गदर्शनानुसार रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम पर ३ दैवी कलशों की अक्षय तृतीया को स्थापना हुई । काल का प्रतिनिधित्व करनेवाले इन कलशों की स्थापना से आश्रम को मंदिर का स्वरूप प्राप्त हो गया है ।

विविध संतों द्वारा परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी का किया गया सम्मान !

संतों का कार्य आध्यात्मिक (पारलौकिक) स्तर का होने से लौकिक सम्मान एवं पुरस्कारों के प्रति उनमें कोई आसक्ति नहीं होती । अपितु मनोलय एवं अहं का लय होने से वे सामाजिक प्रतिष्ठा को प्राप्त करनेवाले सम्मान एवं पुरस्कार के परे जा चुके होते हैं । ऐसा होनेपर भी केवल संत ही संत की पहचान कर सकते हैं और उनको ही अन्य संतों के कार्य का महत्त्व समझ में आता है ।

उज्जैन सिंहस्थपर्व में साधना एवं गुरुकृपा के बल पर ३ साधक हुए जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त !

सेवा की लगन, ईश्‍वर द्वारा प्रदान परिस्थिति का स्वीकार करनेवाली महाराष्ट्र के वर्धा (विदर्भ ) की श्रीमती विजया बरडेजी के साथ-साथ दृढता और लगन से परिपूर्ण गुरुसेवा करे पुणे के श्री. जयहिंद सुतारजी ने ६१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर प्राप्त कर सभी के समक्ष आदर्श रखा है ।

उज्जैन सिंहस्थ पर्व : सनातन संस्था की ओर से धर्मप्रसार

उज्जैन सिंहस्थ पर्व में २० अप्रैल को श्री बडा उदासीन अखाडा की ओर से हाथी, घोडे और ऊंटों पर साधुआें को बिठाकर भव्य पेशवाई (शोभायात्रा) निकाली गई ।

रामायण जीवन जीने की सबसे उत्तम शिक्षा देती है ।

रामकथा भोग की नहीं त्याग की कथा हैं । यहां त्याग की प्रतियोगिता चल रही हैं और सभी प्रथम हैं, कोई पीछे नहीं रहा ।चारों भाइयों का प्रेम और त्याग एक दूसरे के प्रति अद्भुत-अभिनव और अलौकिक है ।

युनाइटेड किंगडम के सश्रद्ध हिन्दू हैं, सर्वाधिक सुखी लोग !

विविध धर्मों के लोगों के विषय में विचार करने पर हिन्दू सर्वाधिक सुखी हैं । हिन्दुओं के पश्‍चात ईसाई, सिक्ख, बौद्ध,ज्यू एवं अंत में मुसलमान लोगों का क्रम आता है, नास्तिकों का क्रम सब से नीचे है !

रामायणकालीन संस्कृति की ऐतिहासिक धरोहर की उपेक्षा करना, एक हिन्दूद्वेषी कर्म !

रामायणकालीन संस्कृति की ऐतिहासिक धरोहर का महत्त्व जागतिक स्तर पर सिद्ध होने पर भी भारतीय राज्यकर्ताआें द्वारा उसकी उपेक्षा करना, एक हिन्दूद्वेषी कर्म !

प्रजापिता ब्रह्मकुमारी संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सनातन संस्था का सहभाग

यहां प्रजापिता ब्रह्मकुमारी द्वारा आयोजित राजयोग से तनाव-मुक्त जीवन, इस विषय पर राज्योगिनी बी के उषा की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।