सनातन के दो साधक संतपद पर हुए विराजमान !

पू. (कु.) रेखा दीदी की प्रगति के लिए कारणभूत उनके निरपेक्ष प्रेम और गुरु का आज्ञापालन करने की लगन आदि गुणों के दर्शन श्रीरामनवमी के दिन उपस्थित जनसमुदाय को हुए ।

उज्जैन सिंहस्थपर्व में सनातन संस्था की प्रदर्शनस्थल पर संत एवं मान्यवरों का आगमन !

१९ मई को मैहसाना तथा गुजराथ के जीवन पथिक आश्रम, कैलाश धाम के पू. रामगिरी बापूद्वारा प्रदर्शनी का भ्रमण किया गया।

सिंहस्थपर्व में केवल सनातन संस्था की प्रदर्शनी में ‘धर्म एवं अध्यात्म’ दिखाई दिया – स्वामी डॉ. भूमानंद सरस्वती महाराज, मध्यप्रदेश

आपके साधकोंद्वारा ‘राष्ट्र एवं धर्म’ के लिए सर्वस्व का त्याग एवं समाज प्रबोधन का सेवाकार्य देख कर मैं अत्यंत प्रभावित हो गया हूं ! – स्वामी डॉ. भूमानंद सरस्वती महाराज

सनातन संस्था की प्रदर्शनी के लिए भूमि देनेवाले स्वामी नारायण संप्रदाय के पू. निरन्नमुक्तदासजी स्वामी (वकील स्वामी) !

सनातन के साधकोंद्वारा प्रार्थना करने पर समीप के ही स्वामी नारायण संप्रदाय के पू. निरन्नमुक्तदासजी स्वामी (वकील स्वामी) ने स्वयं के मंडप में त्वरित प्रदर्शनी लगाने की अनुमति दी।

नई पिढी को विज्ञान की भाषा में अध्यात्म समझाने की सनातन की पद्धति उत्तम – श्री १००८ महामंडलेश्‍वर, श्री विश्‍वगायत्री मिशन, गुजरात

हम धर्म को माननेवाले हैं, तो दूसरी ओर नई पिढी विज्ञान के आधारपर चलनेवाली है। ऐसे समय में उस पिढी को विज्ञान की भाषा में धर्म समझाने की आवश्यकता है ! – श्री १००८ महामंडलेश्‍वर अलखगिरीजी महाराज

उज्जैन सिंहस्थपर्व में संतों के पदस्पर्श से पुनः पुनः पुनित होनेवाली सनातन की प्रदर्शनी !

सिंहस्थपर्व में सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति की प्रदर्शनी पर संतों की कृपादृष्टि की वर्षा हो रही है !तीव्र तूफानी वर्षा एवं प्राकृतिक संकट आने पर भी प्रदर्शनी खंडित नहीं हुई।

नेपाल बचाऊ आंदोलन के श्री. बिष्णु प्रसाद बराल की सनातन संस्था की प्रदर्शनी से भेंट !

नेपाल हिन्दू राष्ट्र पुनर्स्थापना मंच के श्री. बिष्णु प्रसाद बराल ने उज्जैन सिंहस्थ क्षेत्र पर सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समितिद्वारा आयोजित की गई प्रदर्शनी से भेंट की।

यहां जब भी मुसीबत आने वाली होती है मूर्ति से बहने लगते हैं आंसूू

देवभूमि के नाम से विख्यात इस प्रदेश में देवी देवताओं से कई रोचक बातें भी जुड़ी हुई हैं। ऐसी ही एक रोचक कड़ी शक्तिपीठों में से एक बज्रेश्वरी देवी माता मंदिर कांगड़ा से भी जुड़ी है। इस मंदिर में देवी के साथ भगवान भैरव की भी एक चमत्कारी मूर्ति है।

उज्जैन : दूसरे अमृत स्नान में सनातन संस्था की ओर से साधुसंतों का स्वागत एवं यात्रा सुनियोजन

उज्जैन सिंहस्थपर्व का दूसरा ‘अमृत स्नान’ ! यात्रा सुनियोजन में सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति का सहभाग उज्जैन : यहां के दूसरे वैश्विक अमृत स्नान के अवसर पर ९ मई को ३० लाख से अधिक भक्त एवं लाखो साधु-संतों ने क्षिप्रा नदी में पवित्र स्नान किया ! इस अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड प्रचंड … Read more

सनातन-निर्मित सात्त्विक श्री गणेश मूर्ति

श्री गणपतिके हाथकी लंबाई, मोटाई, आकार अथवा मुकुटकी कलाकृतियोंमें थोडा भी परिवर्तन करनेपर पूरे स्पंदन परिवर्तित हो जाते हैं ।