ऐसी है अस्थाई भव्य कुंभनगरी !
भव्यता के कारण संयुक्त राष्ट्रों के ‘युनेस्को’ की आंखें भी चमक गई हैं । युनेस्को ने ‘विश्व का सबसे बडा शांतिपूर्ण एवं धार्मिक सम्मेलन’ कहकर ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर’, के रूप में कुंभ को स्वीकृती दी है ।
भव्यता के कारण संयुक्त राष्ट्रों के ‘युनेस्को’ की आंखें भी चमक गई हैं । युनेस्को ने ‘विश्व का सबसे बडा शांतिपूर्ण एवं धार्मिक सम्मेलन’ कहकर ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर’, के रूप में कुंभ को स्वीकृती दी है ।
महामंडलेश्वर श्री रामेश्वरदास महाराज तथा उनके साथ गोरक्षा का कार्य करनेवाले जम्मू के श्री. राजाभैय्या ने कुंभनगरी में सनातन की राष्ट्र एवं धर्मजागृति प्रदर्शनी का अवलोकन किया ।
१६ जनवरी को गुजरात के एक धर्मप्रेमी श्री. खेंगाडभाई डोडिया ने सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति की ओर लगाई गई से भव्य प्रदर्शनी का अवलोकन किया ।
कुम्भ मेले के पावन अवसर पर सनातन संस्था ने सेक्टर 15 में मोरी मार्ग-मुक्ति मार्ग चौराहे पर ‘धर्मशिक्षा एवं राष्ट्र-धर्म रक्षा संबंधी फलक प्रदर्शनी’ का आयोजन किया है ।
अखाडे तो विविध स्थानों के साधु-संत, संन्यासी और आचार्यों का वर्गीकरण तथा सुसूत्रीकरण की एक व्यवस्था है ।
१५ जनवरी को यहां का राजयोगी स्नान मार्ग तथा संगमस्थलपर सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से अयोध्या में राममंदिर के निर्माण की मांग को लेकर ‘श्रीराम जय राम जय जय राम’ नामजप अभियान चलाया गया ।
कुंभपर्व के प्रारंभ में महानिर्वाणी अखाडे के राजयोगी स्नान के पश्चात क्रमशः निरंजनी अखाडा, आनंद अखाडा, जूना अखाडा, आवाहन अखाडा, श्री शंभू पंच अग्नि अखाडा स्नान के लिए आ गए ।
छिंदवाडा, मध्य प्रदेश की सनातन धर्म प्रचार सेवा समिति की अध्यक्षा साध्वी सरस्वतीजी ने १४ जनवरी को यहां कुंभपर्व के उपलक्ष्य में सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से सेक्टर १५, मोरी मार्ग में लगाई गई ग्रंथ तथा धर्मशिक्षाफलकों की भव्य प्रदर्शनी का अवलोकन किया |
सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से फेसबुक लाईव के माध्यम से प्रयागराज में पहले राजयोगी स्नान के समय कुंभपर्व का महत्त्व तथा शास्त्र को समिति तथा संस्था के दर्शकोंतक पहुंचाने का प्रयास किया गया ।
जगद्गुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने कुंभपर्व में स्नान के पश्चात सनातन संस्था के लिए आशीर्वचन प्रदान करते हुए कहा ।