वसंत ऋतु के आरोग्यसूत्र
सृष्टिरचना के समय साक्षात ईश्वर ने ही आयुर्वेद का निर्माण किया; इसलिए आयुर्वेद के सिद्धांत विश्व के आरंभ से आजतक अबाधित हैं । युगों-युगों से प्रतिवर्ष वही ऋतु आते हैं और आयुर्वेद द्वारा बताई गई ऋतुचर्या भी वही है ।
सृष्टिरचना के समय साक्षात ईश्वर ने ही आयुर्वेद का निर्माण किया; इसलिए आयुर्वेद के सिद्धांत विश्व के आरंभ से आजतक अबाधित हैं । युगों-युगों से प्रतिवर्ष वही ऋतु आते हैं और आयुर्वेद द्वारा बताई गई ऋतुचर्या भी वही है ।
अधिवक्ता नागेश जोशी ने मांग की है कि, आरोपी नीरज भारती के विरोध में अपराध प्रविष्ट कर उन्हें तत्काल बंदी बनाया जाए तथा गोवा की सुरक्षा की दृष्टि से इस प्रकरण की गहन जांच की जाए ।
ज्ञानयोगी एवं ऋषितुल्य परात्पर गुरु पांडे महाराजजी (आयु ९२ वर्ष) ने रविवार, माघ कृष्ण पक्ष द्वादशी, कलियुग वर्ष ५१२० अर्थात ३ मार्च २०१९ को सायंकाल ५ बजकर २२ मिनटपर यहां के सनातन आश्रम में देहत्याग किया ।
श्री. संतोष आळशी, समिति के कार्यकर्ता श्री. सुहास गरुड एवं श्री. गजानन नागपुरे ने यहां के श्री पंचदशमान जुना अखाडे के अनंत विभूषित श्री श्री १००८ महामंडलेश्वर श्री महेंद्रानंदगिरीजी महाराज से भेंट की ।
पू. अशोक पात्रीकरजी यवतमाळ (महाराष्ट्र) में शासन के ‘जीवन प्राधिकरण’ विभाग में ‘शाखा अभियंता’ के पद पर कार्यरत थे, तब वर्ष १९९७ में उनका संपर्क सनातन संस्था से हुआ ।
सनातन संस्था आज के समय में श्रद्धालुओ को धर्मशिक्षा देने का कार्य कर रही है । सरल भाषा में धर्मशिक्षा देना सनातन संस्था की विशेषता है । वृंदावन के कथावाचक तथा श्रीजीबाबा के शिष्य श्री. रमाकांत गोस्वामी ने ऐसा प्रतिपादित किया ।
‘सनातन संस्था के संस्थापक परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी ने व्यक्ति के जन्म से लेकर मृत्यतक उसपर कौन से संस्कार किए जाने चाहिएं, यह वैज्ञानिक पद्धति से बताया है । यहां के सभी ग्रंथ जीवनोपयोगी ग्रंथ हैं ।’
सनातन संस्था की ओर से ‘मनुष्य को आनंदित जीवन कैसे व्यतीत करना चाहिए, कर्म कैसे करने चाहिएं, जन्मदिवस कैने मनाना चाहिए आदि के संदर्भ में अच्छी प्रदर्शनी का आयोजन किया है ।
साधकों की साधना को अगली दिशा प्राप्त हो तथा परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के विश्वव्यापी अध्यात्मप्रसार के कार्य को आगे बढाने हेतु १९ फरवरी २०१९ को भृगु महर्षिजी की आज्ञा से सनातन संस्था की अखिल भारतीय धर्मप्रसारक सद्गुरु (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी एवं सद्गुरु (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी को डॉ. आठवलेजी की आध्यात्मिक उत्तराधिकारी घोषित किया गया ।
देश की युवा पीढी अपने संस्कार और मर्यादा को भूलकर धर्म और संस्कृति से दूर जा रही है । इस दृष्टि से सनातन की महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय की संकल्पना बहुत अच्छी है ।