हम जोधपुर, राजस्थान के एक अधिकक्ता से भेंट करने गए थे । उस समय उन्होंने हमें न्यायाधीश के विषय में किए गए एक सर्वेक्षण की जानकारी दी । उन्होंने कहा कि लगभग ३५० से अधिक न्यायाधीश ऐसे हैं कि जिनकी दो-तीन पीढियां न्यायाधीश अथवा न्यायालय से संबंधित उच्च पदों पर है । यह कोई योगायोग अथवा उनका कर्तुत्व नहीं, अपितु केवल घरानेशाही है ।
– श्री. आनंद जाखोटिया, सनातन आश्रम, रामनाथी, गोवा. (१५.०६.२०१६)
मतदाताओ, मत देते समय इस बात का विचार करो !
नौकरी के लिए शैक्षिक पात्रता के साथ ही व्यक्तिगत गुण भी महत्त्वपूर्ण !
सच्चा ब्राह्मण !
वर्तमान महिलाओं ने अंतर्मुख होना आवश्यक !