‘प्रत्येक पीढ़ी अगली पीढ़ी की ओर समाज, राष्ट्र और धर्म के संदर्भ में अपेक्षा से देखती है । इसके स्थान पर प्रत्येक पीढ़ी ने ‘हम क्या कर सकते हैं ?’, ऐसा विचार कर ऐसे कार्य करने चाहिए जिससे, अगली पीढ़ी को इस संदर्भ में कुछ भी करने की आवश्यकता न रहे और वह अपना सारा समय साधना हेतु दे सके !’
-(परात्पर गुरु) डॉ. जयंत आठवले
मतदाताओ, मत देते समय इस बात का विचार करो !
नौकरी के लिए शैक्षिक पात्रता के साथ ही व्यक्तिगत गुण भी महत्त्वपूर्ण !
सच्चा ब्राह्मण !
वर्तमान महिलाओं ने अंतर्मुख होना आवश्यक !