आपातकाल में अपनी रक्षा होने हेतु छत्रपति शिवाजी महाराज समान गुरुनिष्ठा का कवच धारण करें !
हिन्दुओ, पीठ पर वार करनेवाले अफजल खान की अंतडियां बाहर निकालनेवाले शिवाजी महाराज का इतिहास सदैव ध्यान में रखें !
हिन्दुओ, पीठ पर वार करनेवाले अफजल खान की अंतडियां बाहर निकालनेवाले शिवाजी महाराज का इतिहास सदैव ध्यान में रखें !
पिछले कुछ दिनों से अमेरिका के दक्षिणी भाग टेक्सास में भारी हिमपात और बर्फ़ीली आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है । बर्फ़ीले तूफ़ान ने संयुक्त राज्य अमेरिका में पावर ग्रिड को बडी क्षति पहुंचाई है, परिणामस्वरूप ५ लाख घरों में बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई है ।
‘विश्व में जहां कोरोना का प्रभाव अभी कम नहीं हुआ है, वहीं कोरोना वायरस जैसी फफूंद अब विश्व के लिए बडा खतरा बन सकती है’, वैज्ञानिकों का कहना है । फफूंद को ’कैंडिडा ऑरिस’ कहा जाता है और यह मनुष्यों के लिए बेहद खतरनाक है । कैंडिडा ऑरिस ´ब्लैक प्लेग´ के समान एक फफूंद है ।
चंद्रमा ने ९ फरवरी को रात ८.३१ बजे मकर राशि में प्रवेश किया है । मकर राशि में पहले से ही सूर्य, बृहस्पति, शुक्र, शनि, बुध और प्लूटो ग्रहों की उपस्थिति है । ज्योतिषी डॉ. अरविंद मिश्रा ने कहा है कि, चंद्रमा के प्रवेश के बाद इन ७ ग्रहों का मिलन हो गया है । इस योग का भारत पर विशेष प्रभाव पड़ेगा ; क्योंकि, भारत की वृषभ लग्न कुंडली है ।
सुबह, लगभग १० बजे, हिमालय क्षेत्र में एक हिम ग्लेशियर टूट कर गिरने से बाढ जैसी स्थिति के कारण धौली गंगा नदी पर एक निर्माणाधीन बिजली परियोजना बह गई है । तपोवन क्षेत्र में एक पनबिजली परियोजना में कार्यरत १५० से अधिक कर्मचारी लापता हो गए हैं एवं नदी के दो पुल पानी में बह गए हैं ।
जिले के वसमत, कळमनुरी और औंढा नागनाथ, इन तहसीलों में ३० जनवरी की मध्यरात्रि १२ बजकर ४० मिनट पर ४० गांवों में भूकंप के झटके लगे । इस भूकंप की तीव्रता ३.२ रिश्टर स्केल थी ।
एक नए अभ्यासानुसार बताया गया है कि समुद्र के बढते स्तर के कारण जगभर के सैकडों विमानतल पर हवाई उडानें अस्त-व्यस्त होने का संकट है ।
संयुक्त राष्ट्र के विद्यापीठों के अंतर्गत आनेवाली कैनडा में ‘जल, पर्यावरण और आरोग्य संस्था’ द्वारा ‘कालबाह्य हो रहा जलसंग्रह : नया धोखा’ इस नाम से यह ब्यौरा तैयार किया गया है ।
संयुक्त राष्ट्र के विद्यापीठांतर्गत आनेवाले कनाडा में ‘जल, पर्यावरण और आरोग्य संस्था’ द्वारा ‘कालबाह्य हो रहा जलसंग्रह : नया संकट’ नाम से यह ब्योरा तैयार किया है । इस ब्योरे के अनुसार अनेक बांधों की आयु पहले ही समाप्त हो चुकी है अथवा आगामी कुछ समय में समाप्त होनेवाली है ।
पृष्ठभूमि पर बेंगळूरु की ‘स्मृति साधनाʼनामक स्वयंसेवी संस्था द्वारा ऐसे लोगों को ‘कोरोना योद्धा’ पुरस्कार देकर गौरवान्वित किया है । सनातन के पनवेल के साधक डॉ. दीपक जोशी ने लॉकडाउन के काल में अनेक रोगियों को समुपदेशन करना, उन्हें धीरज देना, साधना बताकर स्थिर जीवन जीने की दिशा देना आदि विशेष प्रयत्न किए थे, इसके लिए उन्हें यह पुरस्कार देकर गौरवान्वित किया ।
