ज्योतिषी और संत कह रहे हैं कि आनेवाला काल संकट
का होगा, इसे ध्यान में रखते हुए साधना की अनिवार्यता ध्यान में आती हैं !
नई दिल्ली : चंद्रमा ने ९ फरवरी को रात ८.३१ बजे मकर राशि में प्रवेश किया है । मकर राशि में पहले से ही सूर्य, बृहस्पति, शुक्र, शनि, बुध और प्लूटो ग्रहों की उपस्थिति है । ज्योतिषी डॉ. अरविंद मिश्रा ने कहा है कि, चंद्रमा के प्रवेश के बाद इन ७ ग्रहों का मिलन हो गया है । इस योग का भारत पर विशेष प्रभाव पड़ेगा ; क्योंकि, भारत की वृषभ लग्न कुंडली है । इस कुंडली का तीसरा घर, यानी कर्क राशि में सूर्य, बुध, शुक्र, शनि और चंद्रमा पहले से ही बैठे हैं । अब यह योग मकर राशि में हो रहा है । उनकी एक दूसरे पर दृष्टि होगी और राहु की उस पर नजर होगी । यह स्थिति भारत में तनावपूर्ण स्थिति निर्माण कर सकती है । राजनीतिक उथल-पुथल भी देखी जा सकती है । दुर्घटनाओं और मुद्रास्फीति में संख्यात्मक वृद्धि हो सकती है । इस अवधि के दौरान, विश्व में भारत का प्रभुत्व और शक्ति भी बढेगी । भारत विश्व के सभी देशों की बैठकों में विशेष भूमिका निभाएगा ।’
७ ग्रहों के मिलन का परिणाम !
१. भारत में तनाव बढने की संभावना ।
२. प्राकृतिक आपदा जैसी स्थितियों की संभावना ।
३. विश्वयुद्ध होने की स्थिति की संभावना ।
४. कोरोना महामारी तेज होने की संभावना ।
५. कुछ अन्य विषाणु रोगों की संभावना ।
६. मनुष्य हानि एवं वित्तीय हानि का अनुमान ।
७. भारत में राजकीय उपद्रव बढने की संभावना ।
आध्यात्मिक उपचारों के संदर्भ में यह ध्यान रखें !
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