एर्नाकुलम् (केरल) में सनातन संस्था की ओर से ‘अध्यात्म का महत्त्व’ इस विषय पर प्रवचन
यहां ३१ दिसम्बर को आयोजित किए गए एक पारिवारिक कार्यक्रम में सनातन संस्था की ओर से श्री. नंदकुमार कैमल ने ‘अध्यात्म का महत्त्व’ इस विषय पर प्रवचन किया ।
यहां ३१ दिसम्बर को आयोजित किए गए एक पारिवारिक कार्यक्रम में सनातन संस्था की ओर से श्री. नंदकुमार कैमल ने ‘अध्यात्म का महत्त्व’ इस विषय पर प्रवचन किया ।
‘हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले’ में सनातन संस्था की ओर से विभिन्न विषयों पर अनमोल ग्रंथ एवं सात्त्विक पूजासामग्री का कक्ष लगाया गया । हिन्दू जनजागृति समिति की और से ‘हिन्दू राष्ट्र’, ‘धर्माचरण’, ‘आचारधर्म’, ‘गोरक्षा’, ‘क्रांतिकारी’, आदि विषयों पर फ्लेक्स प्रदर्शनी लगाई गई ।
रतिवर्ष की तरह दत्तजयंती के अवसर पर इंदौर के केशवानंद आश्रम ट्रस्ट के श्री दत्त मंदिर एवं बांगर दत्त मंदिर में सनातन संस्था की ओर से ग्रंथ, सात्त्विक उत्पाद एवं धर्मशिक्षा देनेवाले फ्लेक्स फलक की प्रदर्शनी लगाई गई ।
देहली के प्रगति मैदान में ६ से १४ जनवरी २०१८ तक होनेवाले ‘विश्व पुस्तक मेले’ में सनातन संस्था का सहभाग रहेगा ।
हिन्दु जनजागृति समिति की ओर से २६ नवम्बर के दिन हिन्दु धर्मजागृति सभा संपन्न हुई । उस समय हिन्दु जनजागृति समिति के मुंबई राज्य प्रवक्ता डॉ. उदय धुरी वक्तव्य कर रहे थे ।
महाराज ने समिति के कार्य की प्रशंसा की । साथ ही श्रद्धालुओं को यह आवाहन भी किया कि, ‘कार्यक्रम स्थल पर हिन्दु जनजागृति समिति तथा सनातन संस्था द्वारा आयोजित किए गए धर्मशिक्षण फलक, ग्रंथ तथा सात्त्विक उत्पादनी की प्रदर्शनी का लाभ ऊठाएं ।
सनातन संस्था की ओर से यहां आयोजित किए गए सनातन प्रभात के वाचकों की बैठक में ‘साधना तथा हिन्दु धर्माचरण का महत्त्व’ इस विषय पर मार्गदर्शन संपन्न हुआ ।
पाश्चात्त्य विकृती की महानता प्रदर्शित करनेवाले ‘सनबर्न फेस्टिवल’ का विरोध करने हेतु चांदणी चौक के बावधन, लवळे तथा आसपास के परिसर के गावकरियों ने, हिन्दु जनजागृति समिति तथा अन्य हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने तीव्र निषेध आंदोलन का आयोजन किया । साथ ही उस समय मान्यवरों ने यह चेतावनी दी कि, ‘बावधन-लवळे में किसी भी परिस्थिती में ‘सनबर्न फेस्टिवल’ निरस्त करेंगे ।’
‘आगामी आपातकाल में तथा युद्ध कालावधी में सज्जन, साधक एवं संतों की रक्षा करने हेतु अपना आध्यात्मिक बल वृद्धिंगत हो; इसलिए स्वभावदोष निर्मूलन प्रक्रिया का सराव (प्रक्टीस) नियमित करना आवश्यक है ।
प्रतिवर्ष आयोजित किया जानेवाला यह पुस्तकमेलावा इस वर्ष १ दिसम्बर से १२ दिसम्बर की कालावधी में आयोजित किया गया था ।
