यावल (जनपद जळगांव, महाराष्ट्र) में उत्साह के साथ साधना शिविर संपन्न

जळगांव : हम मनुष्य के रूप में जन्मे हैं, तो हमारा लक्ष्य क्या होना चाहिए ? किडे-मकोंडों से लेकर उन्नत मनुष्यप्राणितक सभी जीव स्वयं को अधिकाधिक सुख कैसे मिलेगा ?, इसी प्रयास में रहता है; परंतु सुख को कैसे प्राप्त करना है, इसकी शिक्षा किसी भी विद्यालय और महाविद्यालय में नहीं दी जाती । केवल अध्यात्मशास्त्र ही हमें आनंद की अनुभूति दे सकता है । उसके लिए सभी को साधना करना आवश्यक है । सद्गुरु जाधवजी ने मनुष्य का जन्म बार-बार होने का कारण, जीवन में आनेवाले सुख-दुखों का कारण, सकाम एवं निष्काम साधना क्या होती है ?, साधना में गुरु का महत्त्व, काल के अनुसार साधना का महत्त्व आदि विषयों के संदर्भ में भी मार्गदर्शन किया ।
हरियाणा में सनातन संस्था द्वारा आयोजित निःशुल्क सनातन संस्कार प्रशिक्षण शिविर संपन्न
भीलवाडा (राजस्थान) में छह दिवसीय ‘सनातन संस्कार प्रशिक्षण वर्ग’ का भव्य समापन !
सनातन संस्था द्वारा मथुरा के बृज लक्ष्मी धाम में सनातन संस्कार प्रशिक्षण वर्ग का 5...
झारखंड में शिक्षकों के लिए ‘तनाव मुक्ति’ विषय पर मार्गदर्शन !
फरीदाबाद में सनातन संस्था की ओर से आदर्श एवं सुसंस्कारित पीढी के निर्माण हेतु बालसंस्कार वर्ग...
हरियाणा में ऋषि वर्ल्ड स्कूल के विज्ञार्थियों का नैतिक मूल्यों के विषय पर सनातन संस्था...
