रात में जलाए जानेवाले पटाखों के संदर्भ में प्रशासन की ओर से सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के क्रियान्वयन की मांग को लेकर उज्जैन में विविध संगठनों की ओर से जिलाधिकारी को निवेदन !

प्रशासन को न्यायालय के आदेश के पालन का स्मरण क्यों दिलाना पडता है ?

बाईं ओर से सर्वश्री मयंक वर्मा, विवेक गर्ग, निर्भय सिंह, हेमंत जुवेकर, निवेदन का स्वीकार करते हुए प्रशासनिक अधिकारी, मनीषसिंह चौहान, आनंद जाखोटिया, श्रीमती स्मिता कुलकर्णी, हरि माळी एवं दिनेश श्रीवास्तव

उज्जैन : अक्टूबर २०१८ में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के अनुसार पटाखें जलाने की समयसीमा निर्धारित कर दी गई है। दीपावली के समय में केवल रात के ८ से १० बजेतक ही पटाखें जलाने की अनुमति दी गई थी, तो क्रिसमस और ३१ दिसंबर को ईसाई नववर्ष की रात ११ बजकर ५५ मिनटों से लेकर १२ बजकर १३ मिनटों की कालावधि में ही पटाखें जलाने की अनुमति दी गई है । दीपावली की भांति २५ दिसंबर से लेकर १ जनवरीतक की कालावधि में भी लोग बडी मात्रा में पटाखें जलाते हैं । इसलिए इस कालावधि में भी पर्यावरण की रक्षा की दृष्टि से पटाखें जलाने की निहित समयसीमा का पालन किया जाए, साथ ही ऐसा न करनेवालों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए, इन मांगों को लेकर २४ दिसंबर को विविध संगठन की ओर से यहां के जिलाधिकारी ऐर सांसद श्री. चिंतामण मालवीय को निवेदन सौंपे गए । इस अवसरपर स्वर्णिम भारत मंच के अध्यक्ष श्री. दिनेश श्रीवास्तव, अखिल भारतीय शिवसेना गौरक्षा न्यास के प्रदेशाध्यक्ष मनीषसिंह चौहान, हरि माळी, भारत रक्षा मंच के अधिवक्ता विवेक गर्ग, निर्भय सिंह, हिन्दू जनजागृति समिति के मध्य प्रदेश समन्वयक आनंद जाखोटिया, हेमंत जुवेकर, शिवम् सोनी, मयंक वर्मा एवं सनातन संस्था की श्रीमती स्मिता कुलकर्णी आदि मान्यवर उपस्थित थे ।

स्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

Leave a Comment