पिछले अनेक वर्षों से भारत में वामपंथी आंदोलन के नेताआें ने आधुनिकतावादी, समाजवादी कार्यकर्ताआें का बुरखा ओढकर समाज में साम्यवादी विचार फैलाने का कार्य किया है । उनका शहरी नक्सलवाद अब जाकर सामने आ रहा है; परंतु इन लोगों के सबसे बडे शत्रु थे हिन्दुत्वनिष्ठ ! बंगाल, केरल, कर्नाटक इत्यादि राज्यों में पिछले कुछ वर्षों में ४०० से अधिक हिन्दुत्वनिष्ठों की हत्या कर हिन्दू संगठनों को समाप्त करने का प्रयास किया गया । वह संभव नहीं हुआ, इसलिए अब हिन्दुत्वनिष्ठों को आतंकवादी बताकर इन संगठनों को समाप्त करने का प्रयास हो रहा है ।
सनातन के देवद (पनवेल) के आश्रम में धर्मांधों द्वारा बडी मात्रा में जिहाद करने की...
(कहते हैं) ‘हत्या में सहभागी सनातन के कार्यकर्ताआें को पकडकर भी सनातन संस्थापर प्रतिबंध लगाया...
(कहते हैंं) हिंसावादी सनातन संस्था पर प्रतिबंध क्योंं नहीं लगाया जाता ?
(कहते हैंं), कहीें ऐसा तो नहीं कि सनातनवालों ने चूहे एवं घूसों को नहर में...
(कहते हैं) राजनीतिक दलों को उग्रमतवादी संगठनों के दूर रहना चाहिए ! – चेल्लाकुमार, सचिव,...
(कहते हैं) सनातन के गोवा स्थित अड्डे का अन्वेषण करें !’