प्रयाग (इलाहाबाद) में होनेवाले माघ मेले में आयोजित सनातन संस्था की ग्रंथ-प्रदर्शनी !
विश्व में कहीं भी उपलब्ध नहीं है ऐसा अनमोल ज्ञान देनेवाले सनातन संस्था की ग्रंथ-प्रदर्शनी !
विश्व में कहीं भी उपलब्ध नहीं है ऐसा अनमोल ज्ञान देनेवाले सनातन संस्था की ग्रंथ-प्रदर्शनी !
१३ जनवरी को म्युनिसिपल हाईस्कूल के मैदान में श्रीराम सेना द्वारा विराट हिन्दू महासम्मेलन का आयोजन किया गया था । सम्मेलन में हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से कश्मीर और बंगलादेश के हिन्दुआें पर हुए अत्याचारों के संदर्भ में ‘फॅक्ट’ प्रदर्शनी लगाई गई थी ।
रथसप्तमी को रविवार को उत्तरा-फाल्गुनी नक्षत्र पर आदित्यदेव (सूर्यदेव) प्रकट हुए । इसलिए रथसप्तमी श्रेष्ठ तिथि मानी जाती है । इस दिन सूर्यदेव अधिक आनंदी होते हैं तथा आप जो मांगते हैं, वह आपको देते हैं । श्रद्धालुआें की श्रद्धा है कि रथसप्तमी का उपवास करनेवाले को स्वप्न में सूर्यदेव के दर्शन होते हैं ।
प्रयाग के पवित्र त्रिवेणी संगम पर संपन्न हुए माघ मेलावा में नई मुंबई सब्जी व्यापारी वेलफेयर असोसिएशन की ओर से आयोजित किए गए प्रवचन में हिन्दू जनजागृति समिति के पूर्व भारत के मार्गदर्शक पू. नीलेश सिंगबाळ वक्तव्य कर रहे थे ।
सनातन के आश्रम की व्यवस्था देखकर यह प्रतीत हुआ कि, सनातनी होना कभी संभव नहीं हुआ, किंतु जीवन के सायंकाल के समय हम इससे पूर्व ही यहां आता, तो मनुष्य के रूप में घटता ।’
विवाहका पूर्णरूपसे आध्यात्मिक लाभ उठानेके लिए, हिंदुओ, विवाह विधिमें ऐसी अनिष्ट प्रथाओंका निषेध करें !
सनातन की साधिका डॉ. स्वाती आडभाई (वर्तमान की डॉ. (श्रीमती) दीक्षा पेंडभाजे) के परिवारवालों ने नवम्बर २००४ में देवद (पनवेल) के सनातन के आश्रम पर आक्रमण किया था ।
यहां के धर्मरक्षक संगठन द्वारा आसूदानी चॅरिटेबल ट्रस्ट धर्मशाला में आयोजित तृतीय प्रांतीय हिन्दू अधिवेशन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भोपाळ समरसता विभागप्रमुख श्री. नैमिष सेठ वक्तव्य कर रहे थे । अपने वक्तव्य में उन्होंने यह प्रतिपादित किया कि, ‘यह वर्ष गुरु गोविंदसिंग का ३५० वा जयंति वर्ष है ।
यहां के प्रगति मैदान में आयोजित किए गए विश्व पुस्तक मेलावा में उत्तरप्रदेश के राज्यपाल श्री. राम नाईक ने ९ जनवरी को भेट दी । तत्पश्चात् सनातन की ग्रंथप्रदर्शनी को भी भ्रमण करते समय कु. कृत्रिका खत्री ने उन्हें सनातन संस्था की जानकारी दी ।
यहां के हिन्दुत्वनिष्ठों ने उपजनपदाधिकारी श्री. रामदास खेडेकर को निवेदन प्रस्तुत किया । निवेदन द्वारा ये मांगे की गई कि,‘काश्मीर में सेना पर पथराव करना, भारत का राष्ट्रध्वज जलाना, भारतविरोधी घोषणा देना इत्यादि अनेक देशविरोधी कृत्य करनेवाला आत्मघातकी निर्णय त्वरित निरस्त करें ।