सामाजिक एकता का प्रतीक एवं राष्ट्ररक्षा, धर्मजागृति के कार्य का ऊर्जास्रोत हैं सनातन आश्रम !

राष्ट्र एवं धर्म के प्रति निष्ठावान एवं समर्पित साधक !

आश्रम में साधकों को राष्ट्रप्रेम एवं धर्मप्रेम सिखाया जाता है । इसलिए उनमें राष्ट्र एवं धर्म बंधुता निर्माण होती है तथा एकजुटता भी अपनेआप उत्पन्न होती है ।

सनातन आश्रम में व्यक्ति का विकास किया जा रहा है ! – प.पू. नरेंद्रनाथ महाराज (मच्छिंद्रनाथ के उपरांत १६ वें पदाधिकारी)

सनातन का रामनाथी आश्रम वैकुंठधाम ही नहीं, परमधाम है । यहां के साधक प्रेमभाव से ओतप्रोत हैं और वे भक्तिभाव से एवं अहं रहित सेवा कर रहे हैं । यहां आकर मैं धन्य हो गई । – गुरु मां गीतेश्‍वरीजी, गीता आश्रम, देहली. (७.२.२०१५)

रामनाथी आश्रम देखने पर सनातन का व्यापक स्वरूप ध्यान में आया और सनातन का कार्य मुझे एक विशाल सागर के समान प्रतीत हुआ । – श्री विश्‍वकर्मा कुलोत्पन्न स्वामी श्री शिवात्मानंद सरस्वती, नंदी, बेंगलूरु. (२७.४.२०१६)

जातिभेद एवं ऊंच-नीच की छाया से भी दूर !

ईश्‍वरप्राप्ति का सर्वोच्च ध्येय पाने के लिए अहं मिटाने हेतु प्रत्येक साधक प्रयत्नरत रहता है । किसी के मन में जाति-पाति, ऊंच-नीच आदि का विचार भी नहीं आता । अनेक दिन साथ रहनेवाले साधक की जाति भी किसी को ज्ञात नहीं रहती; यहां तक कि कोई इस विषय में पूछता भी नहीं । फलतः आश्रम में विविध जाति-पंथों के साधक आनंद से सहजीवनयापन कर रहे हैं । इससे यह स्पष्ट होता है कि ईश्‍वरप्राप्ति के अत्युच्च ध्येय से समाज को एक सूत्र में पिरोया जा सकता है ।

राष्ट्ररक्षा एवं धर्मजागृति के कार्य का ऊर्जास्रोत !

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के मार्गदर्शन में राष्ट्र एवं धर्म संबंधी जागृति करनेवाले विविध विभाग आश्रम में सक्रिय हैं । इस कारण यह आश्रम राष्ट्र एवं धर्म के लिए कार्य करनेवाले हिन्दुत्वनिष्ठों के लिए ऊर्जा का स्रोत है ।

सनातन कलामंदिर द्वारा धर्मसत्संगों की निर्मिति !

धर्मशिक्षा देनेवाले धर्मसत्संगों के ३७० भाग बने हैं । इनका राष्ट्रीय एवं स्थानीय चैनलों पर प्रसारण किया गया है ।

परिपूर्ण अध्यात्मशास्त्र सिखानेवाले ग्रंथों की रचना !

साधना, राष्ट्र धर्म आदि विषयों पर मार्च २०१९ तक ३१२ ग्रंथो की १७ भाषाआें में ७५ लाख से अधिक प्रतियां प्रकाशित हुई हैं ।

नियतकालिकों एवं जालस्थलों द्वारा जनजागरण !

सनातन प्रभात नियतकालिक, Sanatan.org एवं Hindujagruti.org जैसे जालस्थल (वेबसाइट) राष्ट्र-धर्म संबंधी जनजागरण करते हैं ।

सनातन पुरोहित पाठशाला !

हिन्दू समाज में साधना के रूप में धार्मिक विधियां करनेवाले सात्त्विक पुरोहितों के निर्माण हेतु यह पाठशाला सक्रिय है ।