गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष्य में सनातन संस्था के गुरुओं द्वारा संदेश (2026)

इस भीषण युद्धकाल में केवल स्वयं का विचार न करते हुए समाज के सात्त्विक हिंदुओं (जीवों) की रक्षा करना अत्यंत आवश्यक है । ऐसी कठिन परिस्थिति में सात्त्विक हिंदुओं (जीवों) की प्राणरक्षा हेतु निष्ठापूर्वक प्रयास करना, यही इस काल की वास्तविक समष्टि साधना सिद्ध होनेवाली है ।