‘बुद्धिवादियों के कारण हिन्दुओं की ईश्वर के प्रति श्रद्धा नष्ट हो गई । सर्वधर्मसमभाववादियों के हिन्दू धर्म की अद्वितीयता हिन्दू समझ नहीं पाए एवं साम्यवादियों के कारण हिन्दुओं ने ईश्वर को मानना छोड़ दिया । अतः ईश्वर की कृपा न होने से हिन्दुओं और भारत की स्थिति दयनीय हो गई है । हिन्दू राष्ट्र की स्थापना ही इस पर एकमात्र उपाय है !’
– सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले
हिन्दुओ, ‘हिन्दू राष्ट्र मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं उसे प्राप्त करके रहूंगा’, ऐसा निश्चय...
पूर्वकाल का परिवार की भांति एकत्र रहनेवाला समाज और आज का टुकड़े-टुकड़े हो चुका समाज...
हिन्दू धर्म में सहस्रों ग्रंथ होने का शास्त्र !
हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के कार्य हेतु समष्टि साधना आवश्यक !