विश्वयुद्ध, भूकंप आदि आपदाओं का प्रत्यक्ष सामना कैसे करें ? (भाग ३)
जैविक अस्त्रों द्वारा होनेवाले आक्रमण – ‘जैविक अस्त्र’ क्या है ?
मनुष्य, पशु तथा फसल पर बीमारी फैलाने हेतु उपयोग में लाए जानेवाले सूक्ष्म जीवाणुओं अथवा विषाणुओं को ‘जैविक अस्त्र’ कहते हैं । पशुओं का संक्रामक रोग (एंथ्रेक्स), ग्रंथियों का रोग (ग्लैंडर्स), एक दिन छोडकर आनेवाला ज्वर (ब्रुसेलोसिस), हैजा (कॉलरा), ‘प्लेग’, ‘मेलियोआइडोसिस’ इत्यादि रोगों के जीवाणुओं एवं विषाणुओं का उपयोग ‘जैविक अस्त्र’ के रूप में किया जाता है ।
