तथाकथित साधु-संत तथा गुरु के संदर्भ में सनातन संस्था तथा हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा भविष्य में किया जानेवाला कार्य
तथाकथितों में अध्यात्म के अभ्यास का अभाव रहता है तथा उनमें सीखने की वृत्ति भी नहीं होती; इसलिए उनका ज्ञान अत्यंत न्यून रहता है । अतः उनके मार्गदर्शन के समय लिखने जैसा कोई भी न होने के कारण उनके भक्त भी कुछ भी नहीं लिखते ।
