पुणे में सनातन संस्था के ८ धर्मरथपर लगाई गई ग्रंथप्रदर्शनी का उत्स्फूर्त प्रत्युत्तर
श्री. पोकळे ने कहा की हमारी संस्कृति पहले क्या थी और अब हम किस संस्कृति में हैं, यह जब लोगों की समझ में आएगा, तब लोगों को हिन्दू जनजागृति समिति एवं सनातन संस्था के कार्य की प्रतीति होगी ।
