काल के पदचिन्ह पहचानकर उद्योगपति अपनी योजना करें ! – श्री. चेतन राजहंस, सनातन संस्था
आनेवाला काल भीषण है । इसलिए कोई भी निर्णय लेते समय इसका अनुभूति होना आवश्यक है । उद्योगपति राष्ट्र का आधारस्तंभ हैं ।
आनेवाला काल भीषण है । इसलिए कोई भी निर्णय लेते समय इसका अनुभूति होना आवश्यक है । उद्योगपति राष्ट्र का आधारस्तंभ हैं ।
सनातन संस्था के सनातन डॉट ऑर्ग जालस्थल का मलयालम भाषा में लोकार्पण तेलंगाना चिलकूर बालाजी ‘मंदिर के मुख्य पुजारी श्री. सी.एस. रंगराजन के करकमलों द्वारा २८ जून को मंदिरों का नियंत्रण धर्मनिरपेक्ष सरकार के हाथों में क्यों ?’, इस विषय पर ‘ऑनलाइन’ परिसंवाद में संपन्न हुआ ।
श्री. राजहंस ने उपस्थित जिज्ञासुओं को श्री विठ्ठल एवं वारी के संदर्भ में परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी द्वारा रखे गए शास्त्रीय ज्ञान से अवगत कराया ।
‘आषाढ अमावस्या, २१.६.२०२०, रविवार को भारत के राजस्थान, पंजाब, हरियाणा एवं उत्तराखंड के कुछ प्रदेशों में सवेरे लगभग १० बजे ‘कंकणाकृति’ सूर्यग्रहण दिखाई देगा तथा शेष संपूर्ण भारत में यह सूर्यग्रहण ‘खंडग्रास’ दिखाई देगा ।’
आजकल कई लोग मधुमेह, रक्तचाप, हृदयरोग, तीव्र आम्लपित्त (हाइपर एसिडिटी), घुटनों के दर्द जैसे कई विकारों पर वर्षों से एलोपैथी औषधियों का सेवन कर रहे हैं ।
अमेरिका के औषधियां बनानेवाले प्रतिष्ठान ‘’सैब बायोथेराप्यूटिक्स’’ ने यह दावा किया है कि, ‘गाय के शरीर में विद्यमान ‘एंटीबॉडीज’ (रोगप्रतिरोधक क्षमता) कोरोना संक्रमित रोगियोंपर गुणकारी सिद्ध हो सकेगी ।’
भारतीय संस्कृति में जो प्राचीन काल से बताया गया है, उसपर अब पाश्चात्य वैज्ञानिक शोध कर उसकी पुष्टि कर रहे हैं ।
कोरोना का संकट आनेपर संकटकालीन स्थिति उत्पन्न होने की चर्चा आरंभ हो गई । एक सूक्ष्म विषाणु ने देखते ही देखते संपूर्ण विश्व का परिवहन (यातायात) ठप्प कर दिया ।
‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थस्थान न्यास’के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने २८ वर्ष पश्चात रामलला के दर्शन करने के पश्चात रामजन्मभूमिपर राम मंदिर का निर्माणकार्य आरंभ होने की घोषणा की ।
