अक्षय तृतीया : साढे तीन शुभमुहूर्तों में से एक !

‘अक्षय तृतीया’ स्वयंमें एक शुभमुहूर्त है । इस तिथिपर ब्रह्मा एवं श्रीविष्णुकी मिश्र तरंगें उच्च देवता लोकोंसे पृथ्वीपर आती हैं । इससे पृथ्वीपर सात्त्विकताकी मात्रा १० प्रतिशत बढ जाती है । इस कालमहिमाके कारण इस तिथिपर अधिक आध्यात्मिक लाभ होते हैं ।