रामनाथी, गोवा में २ दिन का ‘सोशल मिडिया प्रशिक्षण शिवीर’ का शुभारंभ !

अधिकांश प्रसारमाध्यम तथाकथित धर्मनिरपेक्षता के नाम पर हिन्दुओं पर होनेवाले अन्याय तथा अत्याचारों को स्पष्ट नहीं करते। अतः हिन्दुओं पर आनेवाले संकट समाज के सामने प्रस्तुत हो, इसलिए सोशल मीडिया (सामाजिक जालस्थल) एक प्रभावी माध्यम हुआ है।

धर्म को ग्लानि आने पर गुरु-शिष्य परंपरा ही धर्म प्रस्थापित करती है ! – श्री. अभय वर्तक, राष्ट्रीय प्रवक्ता, सनातन संस्था

आज विश्व में अधर्म का अंधःकार बढ रहा है एवं इस अंधकार में भारत भी घसीटा जा रहा है । ‘हिन्दू राष्ट्र’ अर्थात ‘सनातन धर्म राज्य’ स्थापित करने हेतु हर व्यक्ति को अन्याय के विरोध में कृति करनी चाहिए । जिस प्रकार गुरु-शिष्य परंपरा समाज को साधना की ओर ले जाती है ।

हिन्दू धर्म पर आनेवाली आपत्तियों के संदर्भ में; सनातन संस्था तथा हिन्दू जनजागृति समिति की, वारकरी संप्रदाय के साथ कंधे से कंधा मिलाकर की गई लडाई !

हिन्दू धर्म, संत, एवं राष्ट्रपुरुषों पर विविध माध्यमोंद्वारा जो आपत्तियां उठाई जा रही है, उन आपत्तियों के विरोध में सनातन संस्था तथा हिन्दू जनजागृति समिति ने वारकरियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लडाई की है ! उनमें से कुछ चुने हुए उदाहरण यहां प्रस्तुत कर रहे हैं . . .

सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा धर्मशिक्षा फलक और ग्रंथप्रदर्शनी कक्ष का उद्घाटन !

सनातन संस्था का कार्य धर्मानुरूप है ! – श्रद्धेयप्रवर पूज्य गुणप्रकाश चैतन्यजी महाराज

उज्जैन सिंहस्थ पर्व : सनातन संस्था की ओर से धर्मप्रसार

उज्जैन सिंहस्थ पर्व में २० अप्रैल को श्री बडा उदासीन अखाडा की ओर से हाथी, घोडे और ऊंटों पर साधुआें को बिठाकर भव्य पेशवाई (शोभायात्रा) निकाली गई ।

राजस्थान एवं उत्तरप्रदेश में धर्मशिक्षा फलक एवं ग्रंथ प्रदर्शनी !

दादरी में आयोजित रामलीला तथा बीकानेर के श्री करणीमाता मंदिर में सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा धर्मप्रसार किया गया ।

सनातन संस्था द्वारा योग शिविर में धर्मशिक्षा प्रदान !

यहां भारत स्वाभिमान पतंजली योग समिति की ओर से योग शिविर का आयोजन किया गया था । इस शिविर में उन्होंने सनातन संस्था को दो दिन आध्यात्मिक जानकारी देने के लिए आमंत्रित किया था ।