अजरबैजान : वैष्णो देवी से लेकर कन्या कुमारी तक भारत में मां दुर्गा के बहुत से मंदिर हैं किंतु यदि किसी मुस्लिम देश में मंदिर मौजूद हो तो यह किसी आश्चर्य से कम नहीं है। रूस और ईरान के बीच में स्थित मुस्लिम देश अजरबैजान में सुराखानी नामक स्थान पर माँ भगवती का एक प्राचीन मंदिर स्थित है। इस देश की करीब ९५ प्रतिशत आबादी मुसलमान है।
समय बीतता गया किंतु यह मंदिर आज भी ज्यों का त्यों है। मुस्लिम देश में होने के कारण यहां न तो श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई देती है और न ही यहां जयकारे गूंजते हैं। यहां इस मंदिर को आतिशगाह अथवा टेंपल ऑफ फायर नाम से भी जाना जाता है।
यहां कई वर्षों से एक पवित्र अग्नि निरंतर जल रही है। उल्लेखनीय है कि हिंदू धर्म में अग्नि को बहुत पवित्र माना जाता है। जिस कारण यहां जल रही ज्योति को साक्षात मां भगवती का रूप माना गया है। ठीक ऐसी ही ज्योति मां ज्वालाजी के मंदिर में भी जल रही है। इस मंदिर में प्राचीन वास्तुकला का उपयोग किया गया है। एक प्राचीन त्रिशूल भी स्थापित है। जिसके निकट ही अग्निकुंड से निरंतर लपटें निकलती रहती हैं। यहाँ की दीवारों पर गुरुमुखी में लेख अंकित हैं।
इससे यह कहा जा सकता है कि, प्राचीन कालमें यहां हिन्दुओंका वात्सव्य भी था । यहां की रचना वैदिक पद्धती के अनुसार श्रीयंत्र की तरह बनाई गई है ।



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