इंद्रप्रस्थ सांस्कृतिक महोत्सव में सनातन संस्था की ग्रंथ-प्रदर्शनी को जिज्ञासुओं ने दिया उत्स्फूर्त प्रत्युत्तर

ग्रंथ देखते जिज्ञासु एवं उस विषय में जानकारी देते श्री. कार्तिक साळुंके

इंद्रप्रस्थ (नई देहली) – देहली के ऐतिहासिक परिसर में आयोजित ‘इंद्रप्रस्थ सांस्कृतिक महोत्सव (आई.सी.एफ. २०२६)’ भारतीय संस्कृति, इतिहास एवं अध्यात्म का एक अनोखा संगम सिद्ध हुआ । ‘संगम टॉक्स’ के श्री. राहुल दीवान एवं ‘गरुड प्रकाशन’ के श्री. संक्रांत सानू के अथक प्रयासों से देहली में पहली बार आयोजित इस महोत्सव के कारण राजधानी के नागरिकों को उनकी जडों से जुड जाने का अवसर प्राप्त हुआ । सनातन संस्था की ओर से आयोजित ग्रंथ-प्रदर्शनी इस महोत्सव में विशेष आकर्षण का केंद्र बनी ।

हिन्दू संस्कृति के गौरव को पुनः स्थापित करने हेतु झूठी कहानियों (नैरेटिव) का खंडन करना चाहिए ! – कपिल मिश्रा, मंत्री, देहली

कपिल मिश्रा

‘इंद्रप्रस्थ’ मात्र एक नाम नहीं है, अपितु वह पांडवों की राजधानी थी । हिन्दू संस्कृति की पहचान को पुनः स्थापित करने हेतु विस्मृत हो चुके गौरव को जनमानस में पुनः स्थापित करना आवश्यक है । उसके लिए हमारे खरे इतिहास के विरुद्ध फैलाई जानेवाली झूठी कहानियों का खंडन करने हेतु, समाज में तथ्य एवं तर्क पर आधारित विचारमंथन की आवश्यकता है । नए लेखकों को भारत के इतिहास एवं शाश्वत मूल्यों पर और शोधात्मक लेख लिखने चाहिए ।

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