अब अंनिस का इस विषय में क्या कहना है ?

शाजापुर (मध्यप्रदेश) : यहां के कालीसिंध नदी के किनारे बसे मंदिर में घी अथवा तेल से नहीं, अपितु पानी से दीपक जलाया जाता है । यह मंदिर ‘गडियाघाट की माता’ के नाम से जाना जाता है । पिछले ५ वर्षों से इस मंदिर में अखंड दीपक जल रहा है । कालीसिंध नदी का पानी इस दीपक में डालने के पश्चात पानी पर तेलीय पदार्थ की परत तैयार हो जाती है और दीपक जल जाता है । अब तक किसी को यह नहीं पता है कि मंदिर में यह चमत्कार कब से और कैसे आरंभ हुआ; यह परंतु इस दीपक को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु यहां आते हैं ।
भारतभर के लाखों श्रद्धालुओं के श्रद्धास्थान कटरा (जम्मू) की श्रीवैष्णोदेवी !
द्वापरयुग में पांडवों ने एक ही रात में निर्माण किया बनखंडी, जिला कांगडा में श्री...
राजा धन्यमाणिक को स्वप्नदृष्टांत देकर माताबरी (त्रिपुरा) में स्थानापन्न हुई श्रीत्रिपुरासुंदरीदेवी !
बीरभूम (बंगाल) के महास्मशान में विराजमान श्री तारादेवी !
कर्नाटक राज्य के शृंगेरी (जिला चिक्कमगळुरू) और कोल्लुरू (जिला उडुपी) के मंदिर
स्वयंभू गणेशमूर्ति