भोर (जनपद पुणे) में हिन्दुत्वनिष्ठों द्वारा किए गए प्रबोधन के कारण लक्ष्मी-गौरी का अनादर रोका गया !

देवताओं का अनादर रोकने हेतु क्रियाशील बने हिन्दुत्वनिष्ठ तथा अपनी चूक ध्यान में आनेपर उसमें सुधार लानेवाले दुकानमालिक का अभिनंदन ! सर्वत्र के हिन्दू इससे बोध लेकर देवताओं का अनादर रोकने हेतु क्रियाशील बने !

भोर (जनपद पुणे) : मंगलवार पेठ में स्थित तैय्यार (रेडिमेड) कपडों की दुकान में गौरीपूजन त्योहार के उपलक्ष्य में लक्ष्मी-गौरी के मुखौटे और मूर्तियों को क्रय के लिए रखकर उन मूर्तियों को प्रतिदिन आधुनिक प्रकार के फ्रॉक्स, टॉप्स, मैक्सी अथवा चुडीदार जैसे वस्त्र पहनाए जा रहे थे । यह ध्यान में आनेपर प्रखर धर्माभिमानी विनायककाका सणस, हिन्दू जनजागृति समिति के विश्‍वजीत चव्हाण एवं सनातन संस्था के प्रा. विठ्ठल जाधवन ने दुकान के मालिक श्री. विनायक गुजर से भेंट कर उन्हें इसके कारण लक्ष्मी-गौरी का अनादर होने का भान कराया और देवी-देवताओं का अनादर करने से उनकी अवकृपा होती है, यह उद्बोधन भी किया । इससे श्री. गुजर को योग्य दृष्टिकोण ध्यान में आया । उन्होंने तुरंत ही लक्ष्मी-गौरी की मूर्तियों को पहनाए गए आधुनिक वस्त्रों को हटाकर सात्त्विक साडी पहनाकर उनका क्रय करने का आश्‍वासन दिया । उसके अनुसार उन्होंने मूर्तियों को पहनाए गए आधुनिक वस्त्र हटाए जाने का देखा गया है ।

स्रोत : दैनिक सनातन प्रभात