
छोटे लडके-लडकियों के गले में धागा बांधकर उसे छाती के स्तर तक आए एवं शरीर को स्पर्श हो, इसप्रकार वेखंड का टुकडा मजबूती से बांध कर रखें ।

* उसका आकार इतना हो कि वह आसानी से मुंह में न जाने पाए ।
* ध्यान दें कि कहीं उस टुकडे में फफूंद तो नहीं लगी ।
* यह टुकडा कुछ समय पश्चात नियमितरूप से बदलें ।
छाती, यह कफ का प्रमुख स्थान है । वेखंड समान वनस्पति के स्पर्श से भी काम होता है, इसलिए आयुर्वेद में इसे ‘औषधिधारण’ कहा गया है ।
– वैद्य परीक्षित शेवडे, आयुर्वेद वाचस्पति, डोंबिवली.
सदैव निरोगी रहने के लिए नारियल के तेल का उपयोग करें !
पंचकर्म : आयुर्वेद की महत्त्वपूर्ण चिकित्सा !
ज्वर (बुखार) में उपयुक्त आयुर्वेद की कुछ औषधियां
आयुर्वेद की कुछ सुवर्णयुक्त औषधियां
श्वसनसंस्था के विकारों में उपयुक्त आयुर्वेद की कुछ औषधियां
हृदय एवं श्वसनसंस्था को बल देनेवाली आयुर्वेद की कुछ प्रसिद्ध औषधियां