महत्त्वपूर्ण औषधि वनस्पतियों का घरेलु स्तर पर रोपण कैसे करें ? भाग – २
निर्गुंडी, सहजन, हरी चाय, दूर्वा (दूब), पानबेल (पान के पत्तों की बेल), अपामार्ग इन वनस्पतियों का महत्त्व, पहचान तथा राेपण करने की पद्धति के विषय में जान लेंगे ।
निर्गुंडी, सहजन, हरी चाय, दूर्वा (दूब), पानबेल (पान के पत्तों की बेल), अपामार्ग इन वनस्पतियों का महत्त्व, पहचान तथा राेपण करने की पद्धति के विषय में जान लेंगे ।
औषधि वनस्पतियों की संख्या अगणित है । ऐसे समय पर कौन-सी वनस्पति लगाएं ? ऐसा प्रश्न निर्माण हो सकता है । प्रस्तुत लेख में कुछ महत्त्वपूर्ण औषधि वनस्पतियों का घरेलु स्तर पर रोपण कैसे करें ?, इस विषय में जानकारी दी है । ये वनस्पतियां रोपण करने के लगभग ३ महिने पश्चात औषधियों के रूप में उपयोग में लाई जा सकती हैं ।
मधुमेह में गूलर के कोमल पत्तों का स्वरस मधु (शहद) सहित दें । उसके साथ जामुन के बीज एवं शिलाजित दें ।
विश्व में इस प्रकार से ४ – ५ दिनों में तैयार होनेवाला दूसरा खाद नहीं ! देसी गाय के एक दिन के गोबर और मूत्र से १ एकड खेती के लिए जीवामृत तैयार होता है । जब इसका खेत के जीवाणुओं से संयोग होता है, तब वे जामन का काम करते हैं ।
भूस्खलन होने के कारण, उसकी विभीषिका, भूस्खलन का संकट टालने हेतु कुछ प्रतिबंधात्मक समाधान, भूस्खलन होने से पूर्व मिलनेवाली कुछ सूचना, भूस्खलन होते समय तथा होने के पश्चात क्या करना चाहिए आदि विषयों की जानकारी दी गई है ।
अन्य समय पर देश में ठंड के मौसम में शीतलहर आती है । हिमालय में तो तापमान शून्य के नीचे ४० डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है । आज के आपातकाल में शीतलहर आने की संभावना को भी टाला नहीं किया जा सकता । इस लेख में भारत में शीतलहर आने पर सामान्यतः क्या उपाय किए जा सकते हैं, इसकी जानकारी दी गई है ।
भारत में लू लगने से सैकडों लोगों की मृत्यु होती है । गर्मी की लहर और लू क्या होती हैं ? गर्मी की लहर से होनेवाले परिणाम, उसके कारण होनेवाली बीमारियां, नए घर का निर्माण करते समय गर्मी से रक्षा होने हेतु क्या करना चाहिए ? भविष्य में विविध कारणों से गर्मी की लहर आने पर कौन से उपाय करने चाहिए ?, इस लेख में इसकी जानकारी देने का प्रयास किया गया है ।
सिक्किम की राजधानी गंगटोक से ६ किलोमीटर के अंतर पर हिमालय पर्वत की गोद में ‘गणेश टोक’ नामक पवित्र स्थान है । यहां श्री गणेश का एक सुंदर मंदिर है । इस मंदिर में अष्टविनायकों की भी मूर्ति है ।
मनुष्य सबसे बुद्धिमान प्राणि है । पहले ५ महिनों में मां का दूध शिशु का मुख्य अन्न होता है । तब मस्तिष्क का विकास सबसे अधिक होता है; इसलिए मां के दूध में ऐसे घटक होते हैं कि जिससे वह दूध मस्तिष्क के विकास हेतु उत्कृष्ट अन्न प्रमाणित होता है ।
भारतीय नागरिक कैल्शियम बढाने के लिए गोलियां खाते हैं; परंतु कैल्शियम से भरपूर सहजन की फलियां खाने के प्रति उदासीनता दिखाते हैं !
