श्राद्धविधियोंको अनुचित ठहरानेवाले आधुनिक पुरोगामी व्यक्तियोंद्वारा आलोचना तथा उसका खंडन
धर्महानिको रोकने हेतु हिंदुओंको बौद्धिक सामर्थ्य प्राप्त हो, इसी उद्देश्यसे इस ग्रंथमें ; अनुचित विचार एवं आलोचना के खंडन संबंधी विषयका विस्तृत विवेचन किया हैं ।
