अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य तथा लेखापरीक्षक वरदराज बापट की सनातन के रामनाथी आश्रम को सदिच्छा भेंट !

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य तथा नौपाडा, ठाणे के लेखापरीक्षक श्री. वरदराज बापट ने हाल ही में सनातन के रामनाथी आश्रम का अवलोकन किया ।

सनातन संस्था की ओर से चेन्नई के भारत हिन्दू मुन्नानी के कार्यालय में विशेष सत्संग

सनातन की ओर से श्रीमती सुगंधी जयकुमार ने महिला जिज्ञासुओं का ‘साधना का महत्त्व, नामजप, आचारधर्म तथा समष्टि सेवा का महत्त्व’ विषयपर मार्गदर्शन किया ।

बक्सों से उपचारों के संदर्भ में संयुक्त सूचना

विकार-निर्मूलन हेतु बक्सों से उपचार सामान्यत प्रतिदिन १ से २ घंटे करें । कुछ दिन प्रतिदिन १ से २ घंटे बक्सों से उपचार करने पर भी विकार घट न रहे हों अथवा नियंत्रित न हो रहे हों, तो उपचारों में वृद्धि करें ।

बक्से के उपचार करने हेतु शरीर के स्थान

ब्रह्मांड में विद्यमान प्राणशक्ति (चेतना) कुंडलिनीचक्रों द्वारा मनुष्य के शरीर में ग्रहण की जाती है आैर उस चक्रविशेष द्वारा वह शरीर की संबंधित इंद्रिय तक पहुंचाई जाती है । इंद्रिय में प्राणशक्ति के (चेतना के) प्रवाह में बाधा आने पर विकार उत्पन्न होते हैं ।

विकार-निर्मूलन हेतु रिक्त गत्ते के बक्सों से उपचार

रिक्त बक्से में रिक्ति होती है । इस रिक्ति में आकाशतत्त्व होता है । आकाशतत्त्व के कारण आध्यात्मिक उपचार होते हैं । आध्यात्मिक उपचारों के लिए बक्से का उपयोग करने से व्यक्ति के देह, मन तथा बुद्धि पर आया कष्टदायक शक्ति का आवरण, तथा व्यक्ति में विद्यमान कष्टदायक शक्ति बक्से की रिक्ति में खिंचकर नष्ट हो जाती है ।

सनातन का कार्य दीपस्तंभ के समान तथा सभी के लिए प्रेरणादायी !

सनातन संस्था विगत २६ वर्षों से मराठी भाषा की रक्षा एवं संवर्धन करना, स्वतंत्रतासेनानियों का सम्मान करना, पाश्चात्त्य संस्कृति का विरोध करना, हिन्दुओं के धर्मांतरण का विरोध करना, मंदिरों की पवित्रता को टिकाए रखकर मंदिरों की रक्षा करना आदि कार्यों में निरंतर क्रियाशील है ।

सनातन के संत पू. नीलेश सिंगबाळजी ने वाराणसी में प.पू. ब्रजनंदजी महाराज से की सदिच्छा भेंट !

इस भेंट में पू. सिंगबाळजी ने महाराजजी को महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय, सनातन संस्था तथा हिन्दू जनजागृति समिति के कार्य की जानकारी दी, साथ ही उन्हें सनातन के रामनाथी आश्रम के अवलोकन का निमंत्रण दिया ।

प.पू. दास महाराज के मार्गदर्शन में रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम में ५ ‘पंचमुखी हनुमानकवच यज्ञ’ संपन्न

हनुमानजी की कृपा प्राप्त करने हेतु तथा धर्मकार्य हेतु उनके आशीर्वाद प्राप्त कर लेने हेतु यहां के सनातन आश्रम में संतों की वंदनीय उपस्थिति में भावपूर्ण एवं चैतन्यमय वातावरण में कुल ५ हनुमानकवच यज्ञ संपन्न हुए

देवी के चरणस्पर्श की परंपरा को समझ लेना आवश्यक ! – श्रीमती नयना भगत, प्रवक्ता, सनातन संस्था

देवी का अनादर रोकने हेतु उनके द्वारा किए गए इस पराक्रम का संज्ञान लेकर शिवाजी महाराज के समय में उन्हें यह सम्मान दिया गया है । इस दृष्टि से देवी के चरणस्पर्श की इस परंपरा को समझ लेना आवश्यक है ।