विकार-निर्मूलन हेतु रिक्त गत्ते के बक्सों से उपचार

रिक्त बक्से में रिक्ति होती है । इस रिक्ति में आकाशतत्त्व होता है । आकाशतत्त्व के कारण आध्यात्मिक उपचार होते हैं । आध्यात्मिक उपचारों के लिए बक्से का उपयोग करने से व्यक्ति के देह, मन तथा बुद्धि पर आया कष्टदायक शक्ति का आवरण, तथा व्यक्ति में विद्यमान कष्टदायक शक्ति बक्से की रिक्ति में खिंचकर नष्ट हो जाती है ।

सनातन का कार्य दीपस्तंभ के समान तथा सभी के लिए प्रेरणादायी !

सनातन संस्था विगत २६ वर्षों से मराठी भाषा की रक्षा एवं संवर्धन करना, स्वतंत्रतासेनानियों का सम्मान करना, पाश्चात्त्य संस्कृति का विरोध करना, हिन्दुओं के धर्मांतरण का विरोध करना, मंदिरों की पवित्रता को टिकाए रखकर मंदिरों की रक्षा करना आदि कार्यों में निरंतर क्रियाशील है ।

सनातन के संत पू. नीलेश सिंगबाळजी ने वाराणसी में प.पू. ब्रजनंदजी महाराज से की सदिच्छा भेंट !

इस भेंट में पू. सिंगबाळजी ने महाराजजी को महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय, सनातन संस्था तथा हिन्दू जनजागृति समिति के कार्य की जानकारी दी, साथ ही उन्हें सनातन के रामनाथी आश्रम के अवलोकन का निमंत्रण दिया ।

प.पू. दास महाराज के मार्गदर्शन में रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम में ५ ‘पंचमुखी हनुमानकवच यज्ञ’ संपन्न

हनुमानजी की कृपा प्राप्त करने हेतु तथा धर्मकार्य हेतु उनके आशीर्वाद प्राप्त कर लेने हेतु यहां के सनातन आश्रम में संतों की वंदनीय उपस्थिति में भावपूर्ण एवं चैतन्यमय वातावरण में कुल ५ हनुमानकवच यज्ञ संपन्न हुए

देवी के चरणस्पर्श की परंपरा को समझ लेना आवश्यक ! – श्रीमती नयना भगत, प्रवक्ता, सनातन संस्था

देवी का अनादर रोकने हेतु उनके द्वारा किए गए इस पराक्रम का संज्ञान लेकर शिवाजी महाराज के समय में उन्हें यह सम्मान दिया गया है । इस दृष्टि से देवी के चरणस्पर्श की इस परंपरा को समझ लेना आवश्यक है ।

चलचित्र ‘केदारनाथ’ में हिन्दू धर्म के उपहास का प्रयास ! – चेतन राजहंस, प्रवक्ता, सनातन संस्था

चलचित्र को १२ ज्योतिर्लिंगो में से एक ‘केदारनाथ’ नाम क्यों दिया गया ? केदारनाथ कोई गांव का नाम नहीं, अपितु मंदिर का नाम है । यह हिन्दू धर्म के उपहास का प्रयास है ।

हिन्दुओं, धर्मशिक्षा लेकर धर्माचरण करने में ही मनुष्य जीवन की सफलता ! – श्रीमती नयना भगत, प्रवक्ता, सनातन संस्था

हिन्दू धर्म का श्रेष्ठत्व गुरु-शिष्य परंपरा में ही है । जब-जब हमारे धर्म को अथवा राष्ट्र को ग्लानी आ गई, तब-तब गुुरु-शिष्य परंपरा ही सनातन धर्मपरंपरा को बचाने हेतु आगे आ गई ।

रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम में स्थित ध्यानमंदिर की देवताएं जागृत होकर उनके संदर्भ में विविध अनुभूतियां प्राप्त होना तथा उसका शास्त्र !

रामनाथी, गोवा के सनातन के आश्रम में विद्यमान देवताआें की मूर्तियां तथा प्रतिमाएं पहले की अपेक्षा बडी मात्रा में जागृत हुई हैं ।

गुजरात के संत पू. वसंतराव जोशी का परिचय एवं उनका जीवनकार्य !

पू. वसंतराव जोशी को बचपन से ही साधना में रूचि थी । वे ब्रह्मचारी थे । वे सदैव साधना के लिए घर से पहाडीपर भाग जाते थे ।