सुरत (गुजरात) के केबल मालिक जयेश मालाविया द्वारा सनातन की ग्रंथप्रदर्शनी का अवलोकन !

सुरत के केबल नेटवर्क के मालिक श्री. जयेश मालाविया ने ३ फरवरी को यहां की सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा लगाई गई ग्रंथ तथा धर्मशिक्षा प्रदर्शनियों का अवलोकन किया ।

‘सनातन की ग्रंथप्रदर्शनी में समाविष्ट सभी विषय सरकार ने पाठ्यपुस्तको में अंतर्भूत करना आवश्यक है !’ – गंगा नदी प्रदूषण मुक्ति के आंदोलक श्री. आर्य शेखर

‘‘सनातन की प्रदर्शनी देखने का भाग्य मुझे प्राप्त हुआ । इस प्रदर्शनी से भविष्य की पिढी को बहुत सीख प्राप्त हो सकती है ।”ऐसें समाजसेवक तथा गंगा नदी प्रदूषण मुक्ति के आंदोलक श्री. आर्य शेखर ने २ फरवरी के दिन कुंभनगरी में सनातन संस्था तथा हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से प्रदर्शनी देखने के पश्चात्य ह प्रतिपादित किया ।

‘गंगा नदी में दूषित पानी न मिले; इसके लिए सरकार को उपाय करने आवश्यक ! ’ – ‘गंगा आवाहन आंदोलन’ के प्रणेता श्री. हेमंत ध्यानी

गंगाजल इतना पवित्र है कि वह कभी भी प्रदूषित नहीं होता । गंगा नदीपर बांधनिर्माण से हिमालय से उद्गमित गंगा की पवित्रता अल्प हो गई है ।

प्रयागराज कुंभमेले के उपलक्ष्य में ‘सनातन संस्था’ और ‘हिन्दू जनजागृति समिति’ का व्यापक धर्मप्रचार !

जिनमें धर्म के प्रति श्रद्धा है, वे कालानुसार साधना समझ सकें और हिन्दू राष्ट्र के विषय में जागृति हो, इसके लिए सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति मिलकर कार्य रही हैं । 

दूरदर्शन समाचार वाहिनी और दैनिक ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ के प्रतिनिधियों द्वारा सनातन की ग्रंथ-प्रदर्शनी का अवलोकन !

में प्रयागराज सनातन संस्था की ओर से लगाई गई भव्य ग्रंथ और फ्लेक्स-फलक प्रदर्शनी को दूरदर्शन के साथ ही विविध समाचार वाहिनियां और प्रसिद्ध समाचार पत्रों ने देखा और उत्स्फूर्त प्रतिसाद दिया है ।

‘गंगा आवाहन’ आंदोलन के प्रणेता हेमंत ध्यानी द्वारा सनातन की ग्रंथप्रदर्शनी का अवलोकन !

 ‘गंगा आवाहन’ आंदोलन के प्रणेता श्री. हेमंत ध्यानी ने २८ जनवरी को यहां के सनातन की ग्रंथप्रदर्शनी का अवलोकन किया ।

प्रयागराज के कुंभमेले में सनातन संस्था की ओर से साधू-संतों का स्वागत : साधुओ द्वारा सनातन का जयघोष !

सनातन के साधकों द्वारा ‘जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम ।’, ‘हर हर महादेव’, ‘जय जय श्रीराम’ ऐसा जयघोष किया गया । अनेक साधुओ ने भी ‘सनातन की जय’, ‘सनातन धर्म की जय’, ऐसा जयघोष किया ।

‘मनुष्य में संस्कृति एवं धर्म की जागृति होने हेतु सनातन की ग्रंथप्रदर्शनी उत्कृष्ट है !’ – डॉ. आशीष गौतम

दिव्य प्रेमा मिशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम (गाजियाबाद) ने हाल ही में कुंभपर्व में सनातन की ग्रंथप्रदर्शनी का अवलोकन किया । उनके साथ मिशन के आचार्य शंतनु भी थे ।

प्रयागराज कुंभमेले के माध्यम से ‘सनातन संस्था’ का व्यापक धर्मप्रचार !

कुंभक्षेत्र की सीमा २५ किमी. है । इसके हृदयस्थान संगमक्षेत्र के समीप स्थित मोरी मार्ग के पास ‘सनातन संस्था’ को स्थान मिलना, केवल गुरुकृपा थी । कुंभक्षेत्र में आनेवाले श्रद्धालुओं में ३० प्रतिशत लोगों को इस क्षेत्र से जाना पडता है ।

गंगास्नान के विषय में भ्रम फैलाने का हिन्दूद्वेषियों का षड्यंत्र सफल न होने दें ! – सनातन संस्था

कुंभपर्व के उपलक्ष्य में करोडों श्रद्धालु गंगानदी में डुबकी लगाकर अपने पापों का क्षालन करते है । ऐसे श्रद्धायुक्त कुंभपर्व में कुछ हिन्दूद्वेषियों की ओर से विदेशी शक्तियों की सहायता लेकर गंगास्नान के प्रति भ्रम फैलाया जा रहा है ।