श्री क्षेत्र आप्पाचीवाडी-कुरली (कर्नाटक) के श्री हालसिद्धनाथ देवता तथा श्री बिरदेवजी का भक्तोंसहित रामनाथी (गोवा) के सनातन आश्रम में शुभागमन !

आनेवाले भीषण संकटकाल में साधकों की रक्षा हेतु तथा हिन्दू राष्ट्र स्थापना हेतु साधकों को आशीर्वाद प्रदान करने हेतु श्री क्षेत्र आप्पाचीवाडी-कुरली (तहसील निपाणी, जनपद बेळगाव, कर्नाटक) के श्री हालसिद्धनाथ देव तथा श्री बिरदेवजी का २५ जनवरी की सुबह १०.३० बजे सनातन के रामनाथी आश्रम में मंगलमय वातावरण में शुभागमन हुआ ।

कुंभपर्व की तिसरी गंगा ‘सरस्वती नदी’ सनातन की ग्रंथप्रदर्शनी के रूप में बह रही है ! – श्री प्रभु नारायण करपात्री

संत श्री. प्रभु नारायण करपात्री ने कहा, ईशान्य भारत के मिजोरम, मेघालय, असम, त्रिपुरा और मणिपुर में लाखों हिन्दुओं ने धर्मांतरण कर ईसाई पंथ को अपनाया है । वहां हिन्दुओं को पैसों के लालच देकर धर्मांतरित किया गया है ।

कुंभपर्व मे सनातन की धर्मशिक्षा एवं राष्ट्र-धर्मरक्षा से संबंधित फलक प्रदर्शनी का जिज्ञासु, साधु-संत-महंतों द्वारा उत्स्फूर्त प्रत्युत्तर !

मुझे सनातन की ग्रंथप्रदर्शनी बहुत अच्छी लगी । इस प्रदर्शनी को देखकर हम निशब्द हो गए हैं । संपूर्ण कुंभपर्व में ऐसा धर्मज्ञान कहां होगा, ऐसा हमें नहीं लगता ।

रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम में श्री चामुंडादेवी याग संपन्न

सद्गुुरु (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी ने २८ दिसंबर २०१८ को संपन्न याग का संकल्प लिया । उसके पश्‍चात गणेशपूजन के पश्‍चात सद्गुुरु (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी ने चामुंडादेवी याग, पूर्णाहुति, कुष्मांड बली और उसके पश्‍चात महाआरती उतारी गई ।

विदेशी नागरिकों के लिए श्रद्धा और आकर्षण का केंद्र बना कुंभपर्व !

कुंभपर्व केवल हिन्दुओं के लिए ही नहीं, अपितु विदेशी नागरिकों के लिए भी श्रद्धा का परमोच्च शिखर है । अखिल मनुष्यजाति का उद्धार करनेवाले इस कुंभपर्व में सहभागी होना सौभाग्य है !

सनातन के साधकों के संतसेवा में लीन होने से उनके मुखमंडलपर संतसंगती का आनंद झलकता है ! – श्री श्री १००८ श्री महामंडलेश्‍वर महंत रघुवीरदास महात्यागी महाराज

सनातन के सभी साधकों की ओर देखकर बहुत प्रसन्न लगता है । उसके कारण यह है कि वे संतसेवा में लीन हैं; इसलिए संतसंगती का आनंद उनके मुखपर झलकता है ।

कुछ मंदिरों में महिलाओ को प्रवेश नहीं है, इसके वैज्ञानिक और आध्यात्मिक कारण को समझ लेना चाहिए ! – श्रीमती नयना भगत, प्रवक्ता, सनातन संस्था

केवल कुछ ही मंदिरों में महिलाओ को प्रवेश नहीं है । उसके पीछे कुछ वैज्ञानिक और आध्यात्मिक कारण हैं,  इसे समझ लेना चाहिए ।

आगामी संकटकाल में साधकों की रक्षा हो; इसके लिए सनातन के रामनाथी, गोवा के आश्रम में ‘मृत्युंजय याग’ संपन्न !

रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम में १३ जनवरी २०१९ को संतों की वंदनीय उपस्थिति में तथा भावपूर्ण वातावरण में ‘मृत्युंजय याग’ संपन्न हुआ । 

ऐसी है अस्थाई भव्य कुंभनगरी !

भव्यता के कारण संयुक्त राष्ट्रों के ‘युनेस्को’ की आंखें भी चमक गई हैं । युनेस्को ने ‘विश्‍व का सबसे बडा शांतिपूर्ण एवं धार्मिक सम्मेलन’ कहकर ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर’, के रूप में कुंभ को स्वीकृती दी है ।

कुम्भ में सनातन संस्था आयोजित धर्मशिक्षा एवं राष्ट्र-धर्म रक्षा संबंधी फलक-प्रदर्शनी !

कुम्भ मेले के पावन अवसर पर सनातन संस्था ने सेक्टर 15 में मोरी मार्ग-मुक्ति मार्ग चौराहे पर ‘धर्मशिक्षा एवं राष्ट्र-धर्म रक्षा संबंधी फलक प्रदर्शनी’ का आयोजन किया है ।