अधिक मास के उपलक्ष्य में अखंडित धर्मप्रसार का कार्य करनेवाले सनातन आश्रमों में अन्नदान कर पुण्यसंग्रह के साथ आध्यात्मिक लाभ भी प्राप्त करें !
धर्मशास्त्र कहता है कि सद़्भावना पूर्वक ‘सत्पात्रे अन्नदान’ करने से अन्नदाता को उसका उचित फल मिलता है तथा सभी पापों से उसका उद्धार होकर वह ईश्वर के निकट पहुंचता है । अन्नदान करने से अन्नदाता को आध्यात्मिक स्तर पर भी लाभ होता है ।
